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मण्डी: प्राथमिकता से निपटाए जाएंगे एक वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामले – अपूर्व देवगन

राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए समयबद्ध निपटारे के निर्देश

मण्डी:उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज डीआरडीए सभागार में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में 1 जनवरी से 15 फरवरी की अवधि के दौरान किए गए कार्यों और लंबित मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक पुराने सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए तथा लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए।

उपायुक्त ने बताया कि इस अवधि में तकसीम के 583, म्यूटेशन के 5534, निशानदेही के 565 तथा राजस्व दुरुस्ती के 225 मामलों का निपटारा किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 1948 से 1990 तक के लेगेसी डाटा का 100 प्रतिशत स्कैनिंग कार्य पूरा कर लिया गया है।

बैठक में उपायुक्त ने राजस्व न्यायालय मामलों, म्यूटेशन, दुरुस्त जमाबंदी, राहत मामलों, पटवारखानों की स्थिति, स्वामित्व योजना, स्टांप एवं पंजीकरण, माय डीड, देवी-देवता तथा भूमिहीनों को भूमि आवंटन से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की । इसके साथ ही उन्होंने सीएम सेवा संकल्प, ई-समाधान पोर्टल और जिला लोक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में लंबित शिकायतों की स्थिति पर भी चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए ।

उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकसीम, निशानदेही और राजस्व दुरुस्ती से जुड़े मामलों सहित सभी लंबित प्रकरणों के निपटारे के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं और एक वर्ष से अधिक पुराना कोई भी मामला लंबित न रहे।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन पटवार भवनों का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, उन्हें 31 मार्च तक हर हाल में पूरा किया जाए। वर्ष 2023-24 और 2024-25 की जमाबंदियों को भी 31 मार्च तक पूर्ण करने तथा राहत से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए। स्वामित्व योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्य तय समयसीमा में पूरा करने को कहा।

बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ मदन कुमार, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा सहित सभी उपमंडलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

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