शिमला: SFI ने प्रदेश में बढ़ रहे नशे के कारोबार को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया धरना प्रदर्शन

शिमला: प्रदेश में बढ़ते नशे के खिलाफ हिमाचल प्रदेश एसएफआई राज्य कमेटी ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस धरना प्रदर्शन के दौरान राज्य उपाध्यक्ष सन्नी सेकटा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से हिमाचल प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स ने प्रदेश को उड़ता हुआ हिमाचल प्रदेश बना दिया है। जिसमें प्रदेश के लगभग 60 % लोग आज सिंथेटिक ड्रग्स के शिकार हो चुके हैं प्रदेश में 10 परिवार में से 8 परिवार इसके आदि हो चुके हैं। सिंथेटिक ड्रग्स में चिट्टा प्रदेश में बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसके कारण हजारों युवा इसके शिकार हो चुके हैं। इसके साथ-साथ प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों से लेकर एमबीबीएस छात्र व वकील एवं डॉक्टर इसके आदि हो चुके हैं ओर न जाने कितने लोग अभी ओर इसके शिकार होने वाले हैं।

उन्होंने बात रखते हुए कहा कि प्रदेश में स्थिति अब बहुत दयनीय हो चुकी है आय दिन चिट्टे कि खबरें सुनने और देखने को मिल रही हैं जिसमें प्रदेश पुलिस अपनी कार्यवाई लगातार जारी रखे हुए है उसके बाबजूद भी यह रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में चिट्टा लेने के साथ-साथ कुछ लोगो ने इसे आर्थिकी तौर पर कारोबार का धंधा बना दिया है जिसके चलते आज यह हिमाचल को दीमक की तरह खोखला कर रहा है
इस प्रदर्शन में उन्होंने कहा कि आज का युवा देश का भविष्य है परन्तु आज का बेरोजगार युवा नशे के जाल में फसता जा रहा है और केंद्र की सरकार और हिमाचल प्रदेश की सरकार इस पर कोई ठोस रणनीति बनाने में नाकमयाब है प्रदेश सरकार तो इस पर सुधारवादी तरीका अपनाने में लगी है जिसमें सरकार के करीबी लोग जो इस चिट्टा के कारोबार में संलिप्त है उनको संरक्षण देते हुए उनको बचाने में लगी है एसएफआई प्रदेश सरकार से यह मांग करती है कि प्रदेश में जो ड्रग्स का करोबार कर रहा है उसके खिलाफ कार्यवाई करें और प्रदेश में इसके खिलाफ सख़्ती से कानून को लागू करें ताकि प्रदेश में फैल रहे चिट्टे और बाकी सिंथेटिक ड्रग्स पर रोक लगायी जा सके। यह सिर्फ समाजिक मुद्दा नहीं है यह एक राजनीतिक मुद्दा है।

इस प्रदर्शन के माध्यम से स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया हिमाचल प्रदेश इकाई आने वाले समय में नशे के खिलाफ प्रदेशव्यापी नुकड़ नाटक के जरिये जागरूकता अभियान चलाते हुए प्रदेश में नशे के खिलाफ काम कर रहे जनवादी संगठन के साथ मिलकर काम करेंगी ताकि प्रदेश में इस नशे को खत्म किया जा सके और प्रदेश सरकार से यह मांग करती है कि प्रदेश में नशे के कारोबार पर रोक लगाए और जो लोग चिट्टे के शिकार हो चुके है उन लोगो की लिए सरकारी Rehab centre में उपचार एंव साइकैटरिस्ट की सुविधा उपलब्ध करवाएं ताकि वह इस नशे के चुंगल से बाहर आ सके।

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