पशु मित्रों की शारीरिक परीक्षा का आधार पशु मित्र नीति, 2025
पशु मित्रों की शारीरिक परीक्षा का आधार पशु मित्र नीति, 2025
हिमाचल: प्रदेश पशुपालन विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां स्पष्ट किया कि पशु मित्रों के चयन के लिए आयोजित की जा रही शारीरिक परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया तथा कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार भ्रामक और तथ्यों से परे हैं। उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पशु मित्र नीति, 2025 के अनुसार की जा रही है, जिसे 14 अगस्त 2025 को अधिसूचित किया गया था। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह शारीरिक परीक्षा केवल एक सामान्य कार्यात्मक फिटनेस जांच है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनित अभ्यर्थी पशु चिकित्सा संस्थानों और पशुपालन फार्मों में अपने आवश्यक दायित्व सुरक्षित रूप से निभा सकें। इन कार्यों में पशुओं को संभालना, बीमार भेड़ या बकरी (लगभग 25 किलोग्राम) को उठाना तथा चारे की बोरियां ले जाना शामिल है। उन्होंने कहा कि यह कोई सहनशक्ति की प्रतियोगिता नहीं है और न ही इसका उद्देश्य किसी भी अभ्यर्थी, विशेषकर महिलाओं, का अपमान या भेदभाव करना है। यह परीक्षा सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू की गई है और इसका एकमात्र उद्देश्य पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रवक्ता ने बताया कि 5,000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय चार घंटे प्रतिदिन के अंशकालिक बहुउद्देशीय-कार्यों के लिए निर्धारित है। हालांकि कार्य अंशकालिक है, लेकिन पशुपालन से जुड़े कार्यों में शारीरिक श्रम शामिल होता है, इसलिए न्यूनतम शारीरिक क्षमता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक परीक्षा उप-मंडलाधिकारी (सिविल) की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा कराई जा रही है तथा इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। अभ्यर्थी निर्धारित वजन को अपने अनुसार किसी भी सुविधाजनक तरीके से उठा सकते हैं, सिर पर उठाना अनिवार्य नहीं है। यदि निर्धारित प्रक्रिया से कोई परिवर्तन पाया जाता है तो उसकी जांच की जाएगी। अब तक 315 अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में शामिल हो चुके हैं और किसी भी प्रकार की चोट की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग सभी अभ्यर्थियों के साथ न्याय, सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनता से आग्रह है कि वे भ्रामक या चयनित प्रस्तुतियों के बजाय अधिसूचित नीति पर भरोसा करें।