
रेजिडेंट डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान,
शिमला: रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से उनके सरकारी आवास पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान HMOA और SAMDCOT के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए डॉ. राघव की बर्खास्तगी को रद्द करने की मांग की। उन्होंने घटना के भीड़ द्वारा अस्पताल के अंदर की गई तोड़फोड़, डॉक्टर को डराने धमकाने वालों पर कार्रवाई करने और डॉक्टरों की सुरक्षा को बढ़ाने की भी मांग उठाई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से पूरे मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया।
उधर, SAMDCOT की सामान्य निकाय बैठक (GBM) में यह निर्णय लिया गया है कि रेज़िडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) को पूर्ण समर्थन जारी रहेगा। चूंकि RDA ने अपनी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है इसलिए नियमित सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में मुश्किल होगी।हालांकि, इस अवधि में सभी आपातकालीन सेवाएँ पूरी तरह सुचारु रूप से जारी रहेंगी और किसी भी आपातकालीन मरीज़ और जो मरीज़ पहले से हस्पताल में दाखिल हैं उनको किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
अनिश्चितकालीन हड़ताल के संबंध में आगे की रणनीति पर अंतिम निर्णय सोमवार को लिया जाएगा।
SAMDCOT ने राज्य सरकार से मांग की है कि निष्पक्षता सुनिश्चित करते हुए डॉ. राघव निरुला की बर्खास्तगी के आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। साथ ही, अस्पताल परिसर में हुड़दंग मचाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी और त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अंत में, SAMDCOT लोगों से आग्रह किया कि जब तक अत्यंत आवश्यक अथवा गंभीर आपात स्थिति न हो, तब तक अस्पताल में आने से परहेज़ करें, ताकि आपातकालीन सेवाओं के सुचारु संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
आरडीए आईजीएमसी शिमला ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के सम्बंध में आईजीएमसी कॉलेज प्रशासन को लिखित रूप से अवगत करा दिया है।
वहीं रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अवकाश पर चले जाने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। आज भी डॉक्टरों के एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहने से आईजीएमसी सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आईजीएमसी में शुक्रवार को 450 डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर हैं। इसके अलावा 50 फीसदी डॉक्टर 22 दिसम्बर से छुट्टी पर चल रहे हैं। मरीजों को OPD में डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। इलाज के लिए आईजीएमसी पहुंचे मरीज भटकते हुए नजर आए । मरीज और तीमारदार ओपीडी के बाहर डॉक्टरों का इंतजार करते दिखे । शाम तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें किसी तरह का डॉक्टरी परामर्श या इलाज नहीं मिल पाया । दूर दराज से आए मरीजों को इससे काफी खासी परेशानी हुई।