आधुनिक ढंग के निर्माण शिल्प के साथ शिखरनुमा शैली में बना है मन्दिर गुफा मन्दिर में स्थापित है बाबा बालकनाथ की श्यामवर्णी संगमरमर की मूर्ति हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर की धौलगिरि पर्वतश्रेणी...
लोमस ऋषि ने की थी रिवालसर झील के तट पर भगवान शिव की अराधना ‘छेश्चू‘ शब्द में ‘छ‘ का भाव पानी और ‘श्चू‘ का भाव है मेला पूजा में वाद्य यन्त्रों के स्वर के साथ ‘ओम् माने पेमे हूं‘...
बुशहर रियासत के टीका रघुनाथ सिंह ने सन 1895 ई. को स्थापित करवाया शिमला जिला के रामपुर उपमंडल में समुद्रतल से 1000 मीटर की ऊंचाई पर बौद्ध मंदिर रामपुर बस स्टैंड के पास स्थित है। रामपुर में तिब्बतीयन...
लाहौली एवं स्पीति भोट द्वारा बोली जाने वाली भोटी भाषा भुटोरियां पंगवाल गांव से काफी दूर लाहौल और स्पीति “भोट” की जीवन शैली उनकी निकटता के कारण समान… ईसा की सातवीं शताब्दी में पहली बार...
हिमाचल के ग्रामीणों के लिए सदियों से मनोरंजन का प्रमुख साधन रहा है “करियाला” लोक-नाट्य हिमाचल में मनोरंजन के महत्त्वपूर्ण साधन हैं। ये प्रायः सर्द ऋतु में पूरे प्रदेश में आयोजित किए जाते...
साल 2024 में कब-कब है शादी के शुभ मुहूर्त, जानें डेट और तिथियां – आचार्य महिंदर शर्मा शिमला : शुभ मुहूर्त में विवाह करने से वर-वधु का वैवाहिक जीवन सुख, सौभाग्य और संपन्नता से परिपूर्ण रहता है।...
तिब्बत, हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों किन्नौर तथा लाहुल-स्पिति में बौद्ध धर्म अपनी विलक्षणता के साथ विद्यमान है। गेरूआ वस्त्र पहने लामा, ऊंचाईयों में स्थित बौद्ध मठ, आकर्षक मूर्तियां व...







