धर्म/ संस्कृति (Page 3)

सर्पदंश के देवता: गुग्गा

हिमाचल: रक्षाबंधन से शुरू होकर जन्माष्टमी तक घर-घर जाकर सुनाई जाती है “गुग्गा गाथा”

गुग्गा गाथा के स्वर जब घर आँगन में गूँजते हैं तो धार्मिक आस्था से आनन्दित हो उठता है आस-पास का वातावरण  सदियों से चली आ रही “गुग्गा गाथा” आज भी निचले हिमाचल में जीवित निचले हिमाचल में...

रक्षा बंधन की पौरणिक कथाएं व राखी बांधने के शुभ मुहूर्त : कालयोगी आचार्य महिंदर कृष्ण शर्मा

रक्षा बंधन की पौराणिक कथाएं ….

रक्षा बंधन के त्योहार का इंतज़ार हर बहन को बेसब्री से होता है। लेकिन भाई को भी बहन से राखी बंधवाने का उतना ही इंतज़ार होता है। भाई-बहन का पावन त्योहार जहाँ बचपन से लेकर उम्र भर के हर पड़ाव में...

भाई-बहन के प्यार और सदभावना से भरा त्यौहार "रक्षाबन्धन"

भाई-बहन के प्यार और सदभावना से भरा त्यौहार “रक्षाबन्धन”

प्राचीन काल से चल आ रहे त्यौहारों में से एक बहुत ही आर्दश प्रेम प्रतीकण् सद्भावनों से भरा हुआ त्यौहार रक्षाबन्धन माना गया है। कच्चे धागा का बन्धन समाज के लोगों में एक आदर्श प्रस्तुत करता है।...

देवी सती

माँ के “नवरात्रे”

नवरात्रों में माँ दुर्गा की करें स्तुति  माँ दुर्गा को खुश करने की पूजा विधि : माँ के नो दिन केवल माँ की आराधना और पूजन से जो भी दुर्लभ कार्य है वे सिद्ध हो जाता है मां की करुणा, दया, स्नेह का भाव...

सावन माह में शिव आराधना, व्रत व पूजा विशेष फलदायी

सावन माह में शिव आराधना, व्रत व पूजा विशेष फलदायी – आचार्य महेंद्र कृष्ण शर्मा

सावन माह में पूजा-अर्चना से भगवान शिव होते हैं जल्दी प्रसन्न सावन माह में शिव की आराधना और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिये व्रत का विशेष फलदायक श्रावण मास विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित होता...

सर्वविख्यात धार्मिक पर्यटन स्थल की नगरी "चंबा"

हिमाचल: सर्वविख्यात धार्मिक पर्यटन स्थल की नगरी “चंबा”

रानी चंपावती के नाम पर बसा चंबा प्राचीन संस्कृति और विरासत को संजोए चंबा चंबा भारत के हिमाचल प्रदेश प्रान्त का एक नगर है। हिमाचल प्रदेश का चंबा अपने रमणीय मंदिरों और हैंडीक्राफ्ट के लिए...

हिमाचल के प्राचीन मदिंरों में से प्रसिद्ध सोलन शूलिनी माता मन्दिर

गुम्बदनुमा शैली में कंकरीट का बना है शूलिनी माता का मन्दिर मन्दिर की पूज सज्जा में शिरगुल तथा माल्ली देवताओं की मूर्ति के मध्य छह देवियों की मूर्तियां विराजमान सोलन शहर के दक्षिण में शूलिनी...