सूर्य ग्रहण और सूतक काल के दौरान जानें क्या करें क्या न करें : कालयोगी आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

सूर्यग्रहण में करें भगवान सूर्य की उपासना : कालयोगी आचार्य महिंद्र कृष्ण शर्मा

  • इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को होगा

सूर्य ग्रहण: इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को होगा। हालांकि यह इस साल का दूसरा ग्रहण होगा, क्योंकि वर्ष 2021 का पहला ग्रहण 26 मई को चंद्रग्रहण के रूप में लगा था। यह सूर्य ग्रहण भारत में केवल अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में सूर्यास्त के कुछ समय पहले देखा जा सकेगा। इसके अलावा भारत के अन्य भागों से यह सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई पड़ेगा। यद्दपि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा परन्तु भारत में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में होगा।

आचार्य महेंद्र कृष्ण शर्मा

आचार्य महेंद्र कृष्ण शर्मा

सूर्यग्रहण भारत में कब दिखेगा : यह वलयाकार सूर्यग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 1.42 बजे शुरू होगा और शाम 6.41 बजे खत्म हो जाएगा। भारत में इस सूर्य ग्रहण के दिखाई देने की बात करें तो इसे शाम को लगभग 5:52 बजे अरुणाचल प्रदेश में दिबांग वन्यजीव अभयारण्य के पास से देखा जा सकेगा। जबकि लद्दाख के उत्तरी हिस्से में ये शाम लगभग 6 बजे दिखाई देगा।

 इन सामान्य बातों का रखें ध्यान…

  • जब ग्रहण शुरू हो रहा हो, तो उस समय से पहले ही स्नान करके साधना करनी चाहिए।

  • मोक्ष के उपरांत स्नान करके दान करना चाहिए।

  • तेल, घी, दूध, पनीर, आचार, चटनी व मुरब्बा सहित अन्य खाद्य पदार्थ में तुलसी की पत्ती रखनी चाहिए।

  • ग्रहणकाल में मूर्ति स्पर्श नहीं करना चाहिए।

  • बुजुर्ग, रोगी, बालक एवं गर्भवती को जरूरी हो तो दवा देनी चाहिए। गर्भवती अपने घर को गेरू से गोठ सकती हैं। गर्भवती को पेट को भी गेरू से गोठना चाहिए।

  • सूर्यग्रहण काल में भगवान सूर्य की और चंद्रग्रहण में चंद्रदेव की उपासना श्रेयस्कर मानी गई है।

  • पका हुआ अन्न, कटी हुई सब्जी ग्रहणकाल में दूषित हों जाते हैं, उन्हें नहीं रखना चाहिए ।

 

यहां दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण : यह सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, उत्तरी कनाडा, यूरोप और एशिया, ग्रीनलैंड, रूस के बड़े हिस्‍से में दिखाई देगा। हालांकि कनाडा, ग्रीनलैंड तथा रूस में वलयाकार जबकि उत्तर अमेरिका के अधिकांश हिस्सों, यूरोप और उत्तर एशिया में आंशिक सूर्य ग्रहण ही दिखाई देगा।

148 साल बाद बन रहा है अद्भुत संयोग : ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक या सूर्य ग्रहण करीब 148 साल बाद शनि जयंती के दिन लग रहा हैं। कल यानी 10 जून को ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि है। पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है।

ज्योतिष गणना के अनुसार शनि जयंती पर सूर्य ग्रहण का योग करीब 148 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 26 मई 1873  को शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण पड़ा था। 

 

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