13 करोड़ मतदाताओं के वोट काटे जाने के आरोप पर निष्पक्ष जांच हो- विनय कुमार
13 करोड़ मतदाताओं के वोट काटे जाने के आरोप पर निष्पक्ष जांच हो- विनय कुमार
हिमाचल: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश में लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन इन सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा उल्टा कांग्रेस पर आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि अगर देश में किसी ने अराजकता फैलाने का काम किया है, तो वह भाजपा है; अगर किसी ने लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया है, तो वह भाजपा है; और अगर किसी ने संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का काम किया है, तो वह भी भाजपा की नीतियों और कार्यशैली के कारण हुआ है। अब भाजपा अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से बचने के लिए कांग्रेस पर उंगली उठाने का प्रयास कर रही है।
विनय कुमार ने कहा कि भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में उसकी सरकार है। देश की सत्ता भाजपा के हाथों में है, केंद्र सरकार की जिम्मेदारी भाजपा के पास है और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जवाबदेही भी उसी की है। ऐसे में भाजपा किस नैतिक आधार पर कांग्रेस से सवाल पूछ रही है? यदि देश की चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं, यदि मतदाता सूचियों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं और यदि नागरिकों के मताधिकार को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं, तो इनका जवाब देना सरकार और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं का दायित्व है। सत्ता में भाजपा, जिम्मेदारी भाजपा की और सवालों से बचने के लिए निशाना कांग्रेस पर—यह दोहरा रवैया अब नहीं चल सकता।
उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस पर आरोप लगाने से पहले अपने 12 वर्षों के शासन का हिसाब देश की जनता को देना चाहिए। भाजपा बताए कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उसने क्या किया, चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए और मतदाता सूचियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की। लोकतंत्र केवल भाषण देने, नारे लगाने और राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाने से मजबूत नहीं होता। लोकतंत्र तब मजबूत होता है, जब हर नागरिक के वोट की रक्षा हो, हर पात्र मतदाता को मतदान का अवसर मिले और चुनाव प्रक्रिया पर देश की जनता का भरोसा कायम रहे।
13 करोड़ मतदाताओं के वोट काटे जाने के आरोप पर देश को जवाब चाहिए
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवाल अत्यंत गंभीर हैं। यदि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा सही है, तो यह कोई सामान्य प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण मामला है। उन्होंने मांग की कि इस दावे की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा मतदाता सूची से हटाए गए नामों, उसके कारणों और प्रभावित मतदाताओं की वास्तविक संख्या से संबंधित तथ्य सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदाता सूची से गलत तरीके से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। एक वोट केवल कागज पर दर्ज निशान नहीं, बल्कि नागरिक की आवाज, उसकी भागीदारी और लोकतंत्र में उसकी हिस्सेदारी का प्रतीक है। गरीब हो या अमीर, ग्रामीण हो या शहरी, युवा हो या बुजुर्ग—हर पात्र नागरिक के मताधिकार की समान रूप से रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है।
विनय कुमार ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि कहीं भी नाम हटाने में अनियमितता हुई है, तो उसकी जांच होनी चाहिए, प्रभावित नागरिकों को न्याय मिलना चाहिए और भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इस विषय को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रखा जा सकता, क्योंकि इसका सीधा संबंध देश के नागरिकों के अधिकारों से है।
भाजपा पहले अपने गिरेबान में झांके, फिर कांग्रेस को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाए
विनय कुमार ने कहा कि भाजपा का इतिहास और उसकी राजनीतिक कार्यशैली देश की जनता के सामने है। जब भी सरकार से जवाब मांगा जाता है, तब मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष पर आरोप लगाने का प्रयास किया जाता है। कांग्रेस जब लोकतंत्र, संविधान, चुनावी पारदर्शिता और जनता के अधिकारों की बात करती है, तो भाजपा असहज क्यों हो जाती है? यदि भाजपा को अपनी चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, तो उसे सवालों से बचने के बजाय तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने या सवाल पूछने वालों पर आरोप लगाने से जनता के सवाल समाप्त नहीं हो जाते। कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वह जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाए और सरकार से जवाबदेही की मांग करे। लोकतंत्र में सवाल पूछना कोई अपराध नहीं, बल्कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने संविधान के तहत अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार हासिल किया है। इस अधिकार की रक्षा करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते हैं, तो उनका समाधान तथ्यों, पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी के जरिए।
जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने से नहीं, जनता के अधिकारों की रक्षा से मजबूत होगा लोकतंत्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार जाति और धर्म के मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाकर जनता के वास्तविक सवालों से ध्यान हटाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि देश की ताकत उसकी विविधता, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों में निहित है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है और लोकतंत्र की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इन अधिकारों की रक्षा कितनी निष्पक्षता से की जाती है।
उन्होंने कहा कि देश को आज ऐसी राजनीति की आवश्यकता है, जो नागरिकों को आपस में बांटने के बजाय उनके अधिकारों को मजबूत करे। महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, युवाओं का भविष्य और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास जैसे मुद्दों पर सार्थक जवाब देने के बजाय राजनीतिक ध्यान भटकाना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। भाजपा को यह तय करना होगा कि वह गंभीर सवालों का जवाब देना चाहती है या फिर हर सवाल को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझाकर अपनी जवाबदेही से बचना चाहती है।
1 नवंबर को दिल्ली में गूंजेगी ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ की आवाज
विनय कुमार ने कहा कि आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस महारैली में INDIA गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूचियों की निष्पक्षता और प्रत्येक पात्र नागरिक के वोट की सुरक्षा की मांग को मजबूती से उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस महारैली को लेकर चाहे जितनी बयानबाजी करे, लेकिन लोकतंत्र से जुड़े सवालों को दबाया नहीं जा सकता। जब नागरिकों के अधिकारों, चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही का प्रश्न सामने हो, तो विपक्ष का दायित्व है कि वह जनता की आवाज बने। कांग्रेस इस जिम्मेदारी से पीछे हटने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि 1 नवंबर की महारैली केवल किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को सामने रखने का अवसर है। कांग्रेस कार्यकर्ता देशभर में जनता के बीच जाकर मताधिकार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाएंगे और यह सुनिश्चित करने की मांग करेंगे कि किसी भी पात्र नागरिक का वोट अनुचित तरीके से न कटे।
विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर प्रयास कर रही है। पार्टी पदाधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक इकाइयों तथा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया है कि वे लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं तथा दिल्ली में आयोजित होने वाली महारैली में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
लोकतंत्र किसी पार्टी की जागीर नहीं, देश की जनता की अमानत है
अंत में विनय कुमार ने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। यह देश की जनता की अमानत है, जिसे संविधान ने सुरक्षित किया है। सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता देश की स्थायी ताकत है। किसी भी सरकार को जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से ऊपर नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा की बयानबाजी से डरने वाली नहीं है और न ही जनता के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाने से पीछे हटेगी। यदि भाजपा को लगता है कि उसके शासन में लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित है, तो उसे आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। मतदाता सूचियों से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और हर पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करना समय की मांग है।
विनय कुमार ने कहा कि भाजपा चाहे जितने आरोप लगा ले, कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। देश की जनता को जवाब चाहिए, पारदर्शिता चाहिए और अपने वोट की सुरक्षा का भरोसा चाहिए। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान से यही मांग पूरी मजबूती के साथ उठाई जाएगी—‘वोट बचेगा, तभी लोकतंत्र बचेगा; लोकतंत्र बचेगा, तभी संविधान की आत्मा सुरक्षित रहेगी।’