ताज़ा समाचार

भवन निर्माण और भूमि उप-विभाजन के लिए निगम की अनुमति अनिवार्य – राकेश शर्मा

निगम के आयुक्त ने राजस्व और टीसीपी विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

आम लोगों की सुविधा के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें सभी अधिकारी

हमीरपुर : नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त राकेश शर्मा ने निगम के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भवन निर्माण और भूमि उप-विभाजन के कार्यों तथा सार्वजनिक रास्तों को निगम के नाम हस्तांतरित करने से संबंधित विषयों पर राजस्व और टीसीपी विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

राकेश शर्मा ने कहा कि निगम के अंतर्गत आने वाले सभी नए एवं पुराने क्षेत्रों में भवन निर्माण करने के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 30 के अंतर्गत स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य है। भवन निर्माण की स्वीकृति हेतु पंजीकृत वास्तुकार के माध्यम से विभागीय वेब पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। इसी प्रकार, भूमि के उप-विभाजन के लिए भी निगम की अनुमति अनिवार्य है। इसमें सड़क की निर्धारित चौड़ाई, पार्क एवं खुली जगह, सीवरेज, जलापूर्ति तथा विद्युत जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का प्रावधान सुनिश्चित करना आवश्यक है।

आयुक्त ने कहा कि भूमि उप-विभाजन अथवा अन्य संबंधित मामलों में निर्धारित शर्तों के अनुसार रास्तों को निगम के नाम गिफ्ट डीड के माध्यम से हस्तांतरित किया जाना आवश्यक है। आवश्यक स्वीकृति के बिना किए गए भूमि उप-विभाजन अवैध माने जा सकते हैं। निर्धारित समय-सीमा के पश्चात संबंधित कार्यालय की आवश्यक स्वीकृति के बिना किए गए उप-विभाजनों में भूखंडों की खरीद-फरोख्त तथा उन पर भवन निर्माण की स्वीकृति के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में भवन निर्माण की स्वीकृति, विद्युत कनेक्शन तथा सीवरेज सुविधा की उपलब्धता भी लागू नियमों एवं संबंधित विभागीय प्रावधानों के अधीन होगी।

आयुक्त ने बताया कि निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाली रियल एस्टेट परियोजनाओं, जिनमें 500 वर्गमीटर से अधिक भूमि क्षेत्रफल अथवा आठ या अधिक अपार्टमेंट वाली परियोजनाएं शामिल हो सकती हैं, के लिए हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अंतर्गत पंजीकरण की आवश्यकता होती है।

राकेश शर्मा ने राजस्व विभाग, निगम के संबंधित अधिकारियों तथा टीसटीसीपी विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर जनहित से संबंधित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित होने से आम जनता को भवन निर्माण की स्वीकृति, भूमि उप-विभाजन, रास्तों के हस्तांतरण तथा बिजली, पानी और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मामलों में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सम्बंधित समाचार

Comments are closed