मुख्य सचिव ने की केंद्रीय दल के साथ आपदा से हुए नुकसान के आकलन की समीक्षा
मुख्य सचिव ने की केंद्रीय दल के साथ आपदा से हुए नुकसान के आकलन की समीक्षा
शिमला: मुख्य सचिव के.के. पंत ने आज यहां अंतर-मंत्रालय केंद्रीय दल के हिमाचल में चार दिवसीय दौरे के समापन अवसर पर आयोजित बैठक में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों में मानसून के दौरान बादल फटने, अचानक आई बाढ़ और भू-स्खलन से हुए व्यापक नुकसान की समीक्षा की और क्षति का आकलन किया। हिमाचल के दौरे के दौरान अंतर-मंत्रालय केंद्रीय दल ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। केंद्रीय दल ने संबंधित विभागों से निर्धारित राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के मानदंडों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतिम क्षति ज्ञापन तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा, जो संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों से विधिवत समर्थित होना चाहिए। अंतर-मंत्रालय केंद्रीय दल ने क्षेत्रवार क्षति का सटीक आकलन, नुकसान के सत्यापन तथा आवश्यक विवरण समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने के महत्व पर भी बल दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में जमीनी स्तर पर अनेक चुनौतियां हैं तथा बुनियादी ढांचे की बहाली और पुनर्निर्माण की लागत भी अपेक्षाकृत अधिक है। उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता का आकलन एवं सिफारिश करते समय इन परिस्थितियों को भी विशेष रूप से ध्यान में रखा जाए। यह भी बताया गया कि अंतिम ज्ञापन प्रस्तुत किए जाने और आकलन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता पर विचार के लिए मामला गृह मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बुनियादी ढांचे की बहाली की उच्च लागत और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बार-बार बनी रहने वाली संवेदनशीलता को देखते हुए मौजूदा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ मानदंडों में संशोधन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। केंद्रीय दल ने आश्वासन दिया कि इन चिंताओं को केंद्र स्तर पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार के निदेशक-सह-विशेष सचिव (राजस्व-आपदा प्रबंधन) पुष्पेंद्र राणा ने क्षति के ज्ञापन को प्रस्तुत किया, जिसमें लोक निर्माण विभाग की सड़कों, जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं, विद्युत बुनियादी ढांचे और कृषि भूमि सहित विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में कुल 3,412.80 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति का विवरण दिया गया। पुष्पेंद्र राणा ने राज्य के नाजुक हिमालयी भू-भाग और भौगोलिक चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने आगामी सर्दियों के मौसम के दृष्टिगत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की बहाली और प्रभावित समुदायों को समय पर सहायता उपलब्ध करवाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत सहायता राशि शीघ्र जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।