शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एक करोड़ से अधिक की चोरी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार
शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एक करोड़ से अधिक की चोरी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार
शिमला: शिमला में एक घर से कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी करने के आरोप में उत्तराखंड के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि चोरी की घटना आठ सितंबर को फिंगास्क एस्टेट निवासी रेणु बाल्जी के घर में हुई थी। वह घरेलू सहायकों के साथ रहती थी। पुलिस के मुताबिक, बाल्जी ने सुबह अपने कमरे की अलमारियां खुली हुई और सामान बिखरा पाया। बाल्जी ने पाया कि हीरा जड़ित सोने के कंगन, सोने की अंगूठियां और बालियां, चांदी के सिक्के, डेढ़ लाख रुपये नकद तथा अन्य कीमती सामान गायब थे। उसने यह भी पाया कि घरेलू सहायकों में से एक लापता था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच में बाद में पता चला कि संदिग्ध चोर उत्तराखंड के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निम्न प्रकार से हुई है—
1. देवेन्द्र कुमार, पुत्र पनीराम, निवासी रामनगर, उत्तराखण्ड, उम्र 56 वर्ष। 2. पप्पु लाल, पुत्र जैतराम, निवासी ऊधम सिंह नगर, उम्र 58 वर्ष। 3. बलजीत सिंह, पुत्र सेवक सिंह, निवासी ऊधम सिंह नगर, उम्र 35 वर्ष। 4. नईम, पुत्र खलील अहमद, निवासी ऊधम सिंह नगर, उम्र 36 वर्ष।
इसके बाद सदर पुलिस थाने की एक टीम ने उधम सिंह नगर जिला पुलिस के साथ समन्वय कर तलाश अभियान चलाया और चारों आरोपियों को उधम सिंह नगर के रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया।पुलिस द्वारा अब तक चोरी की गई संपत्ति का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बरामद कर लिया गया है। बरामद संपत्ति में चोरी किए गए आभूषण एवं अन्य कीमती सामान शामिल हैं। शेष संपत्ति की बरामदगी तथा चोरी की पूरी घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए तफ्तीश जारी है।
अभियोग की तफ्तीश उन्नत चरण में है तथा पुलिस द्वारा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर घटना में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिमला पुलिस दवारा आम जनता से अपील की है कि घरों, कार्यालयों अथवा अन्य प्रतिष्ठानों में घरेलू सहायकों, नौकरों अथवा अन्य कर्मचारियों को नियुक्त करते समय उनकी पहचान की उचित पुलिस वेरिफिकेशन अवश्य करवाएं। कर्मचारी का पूरा नाम, स्थायी पता, पहचान संबंधी दस्तावेज तथा पूर्व रोजगार से संबंधित जानकारी प्राप्त कर उसका सत्यापन करवाना आवश्यक है। केवल मौखिक परिचय अथवा किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर बिना सत्यापन के किसी व्यक्ति को घरेलू कार्य अथवा अन्य संवेदनशील जिम्मेदारी न दी जाए।