18 सितम्बर से 2 से 5 वर्ष को विटामिन-ए, 1-19 वर्ष के बच्चों को दी जाएगी कृमिनाशक दवा
18 सितम्बर से 2 से 5 वर्ष को विटामिन-ए, 1-19 वर्ष के बच्चों को दी जाएगी कृमिनाशक दवा
18 सितम्बर को जिला में 3.72 लाख बच्चों को कृमिनाशक दवा पिलाने का लक्ष्य: अतिरिक्त उपायुक्त*
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक*
धर्मशाला: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी)-2026 के सफल आयोजन की तैयारियों को लेकर उपायुक्त कार्यालय में जिला कांगड़ा स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार ने की। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 18 सितंबर, 2026 को किया जाएगा।
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. राजेश सूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. दुष्यंत, डीपीएम प्रदीप पटियाल, डिप्टी डीईओ प्रारम्भिक शिक्षा अश्वनी कुमार, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा बलविंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने सभी संबंधित विभागों को एनडीडी के सफल क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा समुदाय के सदस्यों से भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए कृमि नाशक दवा दी जाएगी, जबकि 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चे को इस अभियान के तहत कवर किया जाए। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में लगभग 3 लाख 72 हजार पात्र बच्चों को कृमिनाशक दवा की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि कृमि मुक्ति एक सुरक्षित एवं प्रभावी स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जो बच्चों के पोषण, प्रतिरक्षा क्षमता और समग्र शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि सक्रिय सामुदायिक भागीदारी और सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से जिला कांगड़ा कां कृमि संक्रमण से मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. राजेश सूद ने बैठक में एनडीडी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एनडीडी की सफलता के लिए शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित सभी संबंधित विभागों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. दुष्यंत ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के तहत 18 सितंबर को प्री-स्कूल एवं स्कूल जाने वाले पात्र बच्चों को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के पात्र बच्चों को निर्धारित प्रोटोकाॅल के अनुसार विटामिन-ए की खुराक भी प्रदान की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया प्रशिक्षित कर्मियों की देखरेख में आवश्यक सुरक्षा सावधानियों के साथ संपन्न की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सभी निर्धारित केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि माॅप-अप राउंड के दौरान उन बच्चों को दवा की खुराक दी जाएगी, जो किसी कारणवश मुख्य दिवस पर दवा नहीं ले पाए थे।
बैठक में 18 सितंबर को जिले के सभी पात्र प्री-स्कूल एवं स्कूल जाने वाले बच्चों तक कृमिनाशक दवा पहुंचाने तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना और अंतर-विभागीय समन्वय पर चर्चा की गई। मुख्य दिवस के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में माॅप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा, ताकि मुख्य दिवस पर अनुपस्थित रहने वाले पात्र बच्चों को भी दवा की खुराक दी जा सके और कोई भी बच्चा छूट न जाए।