26 अगस्त से आरंभ की जा रही है नई डिजिटल व्यवस्था
हमीरपुर: किसानों को खाद की बिक्री एवं वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक एवं व्यवस्थित बनाने के लिए जिला हमीरपुर में भी 26 अगस्त से एक नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों को ही खाद दी जाएगी।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीडी शर्मा ने बताया कि इस नई व्यवस्था के अंतर्गत किसान अब फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल यानि एफएफएस ऐप के माध्यम से खाद खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। एफएफएस ऐप को किसान अपने मोबाइल फोन के गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। किसान एग्रीस्टैक में पंजीकृत फार्मर आईडी या आधार संख्या के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। एफएफएस प्रणाली में खाद खरीदने वाले किसानों की पहचान के लिए तीन विकल्प उपलब्ध करवाए गए हैं।
एग्रीस्टैक के तहत फार्मर आईडी बनवा चुके किसान केवल अपना आधार नंबर दर्ज करके आवेदन कर सकेंगे। फार्मर आईडी और भूमि संबंधी रिकार्ड पहले से ही एग्रीस्टैक में लिंक होने के कारण आवश्यक विवरण प्रणाली द्वारा स्वतः प्राप्त कर लिया जाएगा।
जिन किसानों ने फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, उन्हें अपना आधार नंबर तथा भूमि के खसरा या पार्सल नंबर दर्ज करने होंगे। इसके आधार पर भूमि रिकार्ड के साथ सत्यापन किया जाएगा। किरायेदार किसान, बटाईदार, सरकारी भूमि या मंदिर की भूमि पर खेती करने वाले किसान एवं काश्तकार अपने आधार नंबर, सर्वे नंबर तथा भूमि मालिक का नाम दर्ज करके स्व-घोषणा के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
उपनिदेशक ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया में किसान की भूमि के रिकार्ड, क्षेत्रफल एवं पात्रता के आधार पर उसके द्वारा खरीदी जा सकने वाली खाद की मात्रा की जानकारी उपलब्ध होगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद किसान को एक क्यूआर कोड मिलेगा। किसान इस क्यूआर कोड को संबंधित कृषि सहकारी सभा या खाद बिक्री केंद्र में दिखाकर अपनी पात्रता के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे।
डॉ. डीडी शर्मा ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य खाद की बिक्री एवं वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, अनियमितताओं को रोकना तथा विभिन्न श्रेणियों के किसानों को उनकी पात्रता एवं उपलब्ध भूमि रिकार्ड के आधार पर खाद उपलब्ध करवाना है। उन्होंने जिला के सभी किसानों से खाद के लिए ऑनलाइन आवेदन की अपील की है।