जनजातीय मेला-2026 का काउंटडाउन शुरू, उपायुक्त ने लॉन्च किया लोगो, मैस्कॉट और ऑफिशियल टीजर : DC किरण भड़ाना

केलांग: राज्य स्तरीय जनजातीय उत्सव -2026 को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोक विरासत के इस भव्य उत्सव की शुरुआत से पहले आज जिला मुख्यालय केलांग में प्री-इवेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त एवम् अध्यक्ष, राज्य स्तरीय जनजातीय मेला समिति, लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने राज्य स्तरीय जनजातीय मेला-2026 के लोगो, मैस्कॉट, पोस्टर, आधिकारिक टीजर तथा वेबसाइट का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि जनजातीय उत्सव लाहौल-स्पीति की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले को और अधिक आकर्षक एवं व्यापक बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी लाहौल-स्पीति की अनूठी संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि लोगो और मैस्कॉट मेले की पहचान एवं सांस्कृतिक भावना का प्रतीक हैं, जबकि पोस्टर और टीजर के माध्यम से मेले की भव्यता एवं आकर्षण को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से मेले से संबंधित कार्यक्रमों, गतिविधियों और आवश्यक जानकारी को आम जनता तक आसानी से पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष के जनजातीय उत्सव की मुख्य थीम महिला सशक्तिकरण रखी गई है। लाहौल-स्पीति की महिलाएं आज जीवन के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय देते हुए सफलता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक क्षेत्र, कला, संस्कृति, खेल तथा अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति महिला नेतृत्व और महिला सहभागिता के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। जिले में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों पर महिलाओं की सक्रिय भूमिका यह दर्शाती है कि महिलाएं नेतृत्व के साथ-साथ विकास की प्रक्रिया में भी प्रभावी योगदान दे रही हैं। जनजातीय उत्सव-2026 के माध्यम से महिलाओं की उपलब्धियों, प्रतिभा और योगदान को विशेष रूप से सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय जनजातीय उत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि लाहौल-स्पीति की परंपराओं, लोक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का उत्सव है। उन्होंने जिले के लोगों, सांस्कृतिक दलों, महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं तथा स्थानीय कलाकारों से मेले में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला, एसडीएम केलांग कुनिका एकर्स, डीएसपी रश्मि शर्मा, तहसीलदार विकास कुमार, अधिशाषि अभियंता विद्युत विभाग सूर्य शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. गांधी, उप निदेशक बागवानी मीनाक्षी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) संजय डोगरा तथा उप निदेशक कृषि चौधरी राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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