कांग्रेस के उप-मुख्य सचेतक और विधायक बोले- प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया कि भाजपा पांच गुटों में बंटी है

शिमला: उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया तथा विधायक सुदर्शन सिंह, मलेन्द्र राजन, सुरेश कुमार और विवेक शर्मा ने शिमला से जारी एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा बुधवार को शिमला में किया गया प्रदर्शन कांग्रेस के खिलाफ रोष प्रदर्शन का कम बल्कि उनकी अपनी गुटबाजी का प्रतीक बनकर उभरा है। प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया कि भाजपा पांच गुटों में बंटी है और उसके नेताओं ने नेतृत्व को लेकर जंग छिड़ी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों के विरूद्ध कानूनी संस्थाएं तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक रंग दे रही है। कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए विधायक सुधीर शर्मा के विरूद्ध पुलिस द्वारा जो कार्रवाई की जा रही है, वह एक ऐसे मामले से संबधित है जो पूर्व भाजपा सरकार के समय उन पर उस समय दर्ज किया गया था जब वह कांग्रेस से जुड़े थे। भाजपा के समय दर्ज मामले पर पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान जो कार्रवाई की गई थी, उसी को आगे बढ़ाते हुए पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश न करे क्योंकि इसमें वर्तमान प्रदेश सरकार का कोई हस्तक्षेप नही है तथा कानून इसमें अपना काम निष्पक्षता से कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग भी सुधीर शर्मा सहित अन्य भाजपा के नेताओं पर हो रही कार्रवाई से खुश हैं क्योंकि भाजपा में गए कांग्रेस के नेताओं का भी अपना एक अलग गुट है जिससे वरिष्ठ नेता खुश नहीं हैं। मौजूदा समय में भाजपा सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल नजर आ रही है क्योंकि वह स्वयं दिशाहीन है। उसके जितने भी अगल-अलग गुट हैं उतने ही भिन्न सबके एजेंडे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल के सर्वांगींण विकास, इसे आत्मनिर्भर बनाने एवं सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश के समक्ष वित्तीय चुनौतियों के बावजूद हमारी सरकार ने प्रदेश की जनता से किए सभी वायदों को पूरा किया है। व्यवस्था परिवर्तन के तहत ऐतिहासिक एवं कठोर निर्णय लिए गए हैं एवं संसाधन सृजन पर बल दिया गया है। एक ओर जहां प्रदेश सरकार का एकमात्र लक्ष्य हिमाचल का विकास है वहीं दूसरी ओर भाजपा के नेता इस विकास की गति को धीमा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहें हैं। आर्थिक एवं प्राकृतिक आपदा की चुनौतियों के साथ हमें भाजपा द्वारा खड़ी की जा रही राजनीतिक चुनौतियों से भी लड़ना पड़ा है। इन तमाम चुनौतियों के बावजूद हमारी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, हरित ऊर्जा को बढ़ावा, रोजगार सृजन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
उप-मुख्य सचेतक और विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने हिमाचल के हकों की रक्षा के लिए न्यायालयों सहित विभिन्न मंचों पर मजबूती से प्रेदश का पक्ष रखा है। किशाऊ बांध बहुद्देश्यीय परियोजना, वाइल्ड फ्लावर हॉल, कड़छम-वांगतू जल विद्युत में प्रदेश ने सफलता हासिल की है। परियोजनाओं आदि में हिमाचल के लिए सफलता हासिल की है। विभिन्न मामलों में न्यायालयों ने हिमाचल के पक्ष में फैसले सुनाए हैं जिससे हिमाचल के संसाधनों की रक्षा हुई है तथा राज्य को हजारों करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा से उबरने के लिए हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन यह धनराशि अब तक प्रदेश को नहीं मिली है। उन्होंने भाजपा से अपील की है कि हिमाचल के विकास में रोड़ा बनने के बजाय केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए वित्तीय सहायता लाने में प्रदेश सरकार के प्रयासों में सहभागी बने।

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