शिमला: DC ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के दौरान SFI और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
शिमला: DC ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के दौरान SFI और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
शिमला: राजधानी शिमला के डीसी कार्यालय के बाद बुधवार दोपहर को स्थिति तनावपूर्ण बन गई। यहां प्रदर्शन के दौरान भाजपा और माकपा व एसएफआई कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन के खिलाफ लामबंद हुए थे। इस दौरान माकपा व एसएफआई कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे व नारेबाजी करने लगे, जिस पर भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए व दोनों पक्ष में विवाद बढ़ गया। इस दौरान दोनों ओर से एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। पुलिस दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास करती रही।
माकपा नेता फालमा चौहान ने भाजपा पर लड़कियों से धक्का मुक्की का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा ने माकपा व एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हाथापाई करने का आरोप लगाया।
बीजेपी के लोगों के द्वारा छात्रों के इस आंदोलन को कुचलना का काम किया जा रहा है – एसएफआई
एसएफआई ने कहा कि एसएफआई द्वारा 20 जुलाई से शिमला उपयुक्त के बाहर शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने तथा पेपर लीक के खिलाफ उपायुक्त शिमला के बहार क्रमिक भूख हड़ताल कर रही है। आज SFI क्रमिक हड़ताल का तीसरा दिन था आज इस क्रमिक भूख हड़ताल में स्नेहा, कुशाल राणा, अमन, अंकुश और आरुष बैठे थे । और जब आज नए साथी भूख हड़ताल में बैठ रहे थे तो बीजेपी के लोगों के द्वारा एसएफआई के छात्र-छात्राओं पर हमला किया जाता है बीजेपी के लोगों के द्वारा छात्रों के इस आंदोलन को कुचलना का काम किया जा रहा है शिमला उपयुक्त कार्यालय के बाहर भी एसएफआई की छात्रों पर लाते चलाई जाती है इस आंदोलन को कुचलना का प्रयास किया जाता है। एसएफआई इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है। आज पूरे देश में बीजेपी के खिलाफ जंहा जंहा छात्रों के द्वारा आंदोलन किया जा रहा हैं वहां पर बीजेपी सरकार द्वारा इस आंदोलन को तोड़ने के लिए इस तरहा से हथकण्डे अपनये जा रहें है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर तथा एनटीए को रद्द करने की मांग को लेकर पूरे देश के अंदर छात्रों के द्वारा आंदोलन किया जा रहे हैं पूरे देश के अंदर बीजेपी के लोगों के द्वारा इस आंदोलन को कुचलने का काम किया जा रहा है आज पूरे देश के अंदर बीजेपी के लोग बेनकाब हो रहे हैं इस पेपर लीक को लेकर तथा जो जंतर मंतर के अंदर बीजेपी की सरकार के द्वारा छात्रों के खिलाड़ी चार्ज किया गया उसको लेकर लगातार
सीटू–एसएफआई के गुंडों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बनाया हिंसक, सुक्खू सरकार के इशारे पर प्रशासन बना मूकदर्शक : संजीव कटवाल
संजीव कटवाल ने मांग की कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने वाले सीटू और एसएफआई से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि प्रशासन ने किन आदेशों के तहत उन्हें सीटीओ परिसर और रेन शेल्टर में बैठने की अनुमति दी।
उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से जनता की आवाज उठाती रहेगी। यदि कांग्रेस सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए प्रायोजित भीड़, छात्र संगठनों और प्रशासन का सहारा लेती रही, तो भाजपा पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से इसका पुरजोर विरोध करेगी। प्रदेश की जनता सब देख रही है और समय आने पर कांग्रेस सरकार को उसके लोकतंत्र विरोधी रवैये का उचित जवाब देगी।