पेयजल स्रोतों की नियमित जांच, क्लोरीनेशन, टैंकों की सफाई और जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश
कुल्लू: जिला मुख्यालय कुल्लू में पीलिया के मामले सामने आने के बाद उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिला मुख्यालय में प्रतिदिन सामने आ रहे पीलिया के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को जिले की सभी पेयजल योजनाओं का तत्काल क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने, सभी जल भंडारण टैंकों की नियमित एवं वैज्ञानिक तरीके से सफाई करवाने तथा पेयजल स्रोतों और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पेयजल में किसी प्रकार की अशुद्धि या संदूषण की संभावना हो, वहां तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही जल गुणवत्ता की निरंतर निगरानी रखी जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पीलिया से संबंधित मामलों की नियमित निगरानी करने, प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा लोगों को रोग की रोकथाम के प्रति व्यापक रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से घर-घर जाकर क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया जाए तथा लोगों को इनके सही उपयोग की जानकारी भी दी जाए।
उपायुक्त ने कहा कि जलजनित रोगों से बचाव के लिए नागरिकों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल उबला हुआ अथवा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल ही प्रयोग करें, भोजन बनाने और पीने के पानी को ढककर रखें तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजीत ठाकुर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ पीलिया के मरीजों के उपचार एवं निगरानी में जुटा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हेपेटाइटिस-ए के मामले सामने आ रहे हैं। जिन क्षेत्रों से मामले रिपोर्ट हो रहे हैं, उनकी जानकारी नियमित रूप से जल शक्ति विभाग के साथ साझा की जा रही है, ताकि वहां पेयजल की जांच और आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान भी चला रहा है तथा लोगों को बचाव संबंधी जानकारी दी जा रही है।
पीलिया से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
केवल उबला हुआ या शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल ही पिएं।
भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
खुले में बिकने वाले कटे फल एवं अस्वच्छ भोजन का सेवन न करें।
भोजन और पेयजल को हमेशा ढककर रखें।
घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
क्लोरीन की गोलियों का स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार उपयोग करें।
पीलिया के लक्षण जैसे आंखों एवं त्वचा का पीला पड़ना, गहरे रंग का मूत्र, भूख कम लगना, बुखार, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं।












