शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कैग की ऑडिट रिपोर्ट में हर जगह अनियमितता ही अनियमितता सामने आई है। चाहे ऑनलाइन टेंडरिंग का मामला हो, खरीद में पारदर्शिता का मामला हो या टैक्स वसूली का मामला, सरकार हर जगह फिसड्डी रही। सरकार की इस नाकामी का खामियाजा प्रदेश को राजस्व के नुकसान के रूप में चुकाना पड़ा। इस खामी के पीछे क्या कारण है? इसे मुख्यमंत्री को प्रदेश के सामने रखना होगा। सरकार के हर कदम में कुछ गिने-चुने लोगों को लाभ हो रहा है और प्रदेश को नुकसान हो रहा है। आखिर सरकार के संरक्षण में यह लाभ किसे पहुंचाया जा रहा है? प्रदेश का खजाना किस ‘मित्र मंडली’ पर लुटाया जा रहा है? प्रदेश में राजस्व घाटा एवं राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय कुप्रबंधन का आलम यह है कि बिना बजट के भी लगभग 438 करोड़ रुपए खर्च किए गए और बिना खर्च के भी 673 करोड़ की योजनाओं के प्रावधान किए गए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सबसे बड़ा घोटाला सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों में वस्तुओं, सेवाओं और कार्यों की खरीद व टेंडर प्रक्रिया (ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम) में सामने आया है। यहां एक ही आईपी एड्रेस, यहां तक कि विभागीय आईपी एड्रेस के इस्तेमाल से बोलियां लगाई गईं और उन बोलियों में बहुत मामूली अंतर पाया गया। जो विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। यह रिपोर्ट साफ-साफ बता रही है कि मित्र मंडली और विभाग के लोग मिलकर विभाग के कार्यालय में ही बैठकर विभाग के संसाधनों का इस्तेमाल करके ई-टेंडर डालते थे और उन्हें हथियाते थे। सवाल यह है कि यह किसके निर्देश और संरक्षण में अंजाम दिया जा रहा था? क्या सुक्खू सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का यही मॉडल है? जहां विभाग में बैठकर ही कुछ गिने-चुने लोग विभाग के संसाधनों का उपयोग करके ई-टेंडर में शामिल हों और टेंडर अपने नाम कर लें?
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की मनमानी पर रोक लगाते हुए सरकार की एक प्रमुख नियुक्ति को रद्द करते हुए पात्र व्यक्ति की नियुक्ति के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के व्यवस्था परिवर्तन का नकाब चारों तरफ से उतर रहा है। न सरकार के कानून न्याय की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं और न ही सरकार द्वारा चहेतों को दी जा रही नियुक्तियां। अपने मनमाने काम करने के लिए, अपनी योजनाओं में अपने चहेतों को फायदा देने के लिए जिस तरीके से मुख्यमंत्री ने नियुक्तियों में मनमाना रुख अपनाया है, वह सिर्फ उनकी कार्यप्रणाली पर ही नहीं, उनकी नीयत पर भी सवाल खड़े करता है। मुख्यमंत्री को संभल जाना चाहिए और तानाशाही के बजाय संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने श्री कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शिमला के गंज बाजार स्थित श्री कृष्ण मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति एवं प्रसन्नता की कामना की और सभी प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।













