अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव डाल रही है कांग्रेस सरकार, कर्मचारी संविधान और अपने विवेक के अनुसार कार्य करें – भाजपा

चोरी और सीनाजोरी कांग्रेस सरकार की पहचान बन चुकी है, अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भाजपा पर झूठे आरोप लगा रही है : राकेश जमवाल, रणधीर शर्मा

नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं, लोकतंत्र का गला घोंट रही है कांग्रेस सरकार : भाजपा

शिमला: भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार के मंत्रियों द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार, हास्यास्पद और जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार की स्थिति ऐसी हो गई है कि “जहां चोरी करती है, वहीं सीनाजोरी भी करती है।” अपनी विफलताओं, भ्रष्टाचार, आर्थिक बदहाली और प्रशासनिक अराजकता को छिपाने के लिए अब भाजपा पर मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर अधिकारी और कर्मचारी जानता है कि आज हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक राजनीतिक दबाव कांग्रेस सरकार बना रही है। अधिकारियों की कलम का दुरुपयोग कर नियमों के विरुद्ध निर्णय करवाए जा रहे हैं। कई मामलों में अधिकारियों को विवश होकर ऐसे आदेश लागू करने पड़ रहे हैं जो न प्रशासनिक दृष्टि से उचित हैं और न ही जनहित में हैं।

राकेश जमवाल और रणधीर शर्मा ने प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में आने के बजाय संविधान, कानून और अपने विवेक के अनुसार कार्य करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी सरकार के नहीं बल्कि संविधान और जनता के सेवक हैं। इसलिए प्रत्येक निर्णय में निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का निरंतर प्रयास कर रही है। नगर परिषदों, नगर पंचायतों, ब्लॉक समितियों और जिला परिषदों में जहां भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनने की स्थिति है, वहां जानबूझकर चुनाव की तिथियां घोषित नहीं की जा रही हैं। दूसरी ओर जहां कांग्रेस के पक्ष में स्थिति है, वहां चुनाव प्रक्रिया तुरंत पूरी कर दी जाती है। इससे स्पष्ट है कि सरकार प्रशासन का दुरुपयोग कर जनादेश को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि जिलाधीशों और एसडीएम से आग्रह है कि वे किसी राजनीतिक दबाव में न आकर कानून के अनुरूप तत्काल अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनावों की तिथियां घोषित करें। लोकतंत्र में जनता के जनादेश का सम्मान सर्वोपरि होता है और उसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि सत्ता स्थायी नहीं होती। राजनीतिक दबाव बनाकर अधिकारियों से नियमों के विपरीत कार्य करवाने वाले निर्णय भविष्य में भी जांच के दायरे में आएंगे। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ करना चाहिए।

राकेश जमवाल और रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की कार्यशैली से पूरी तरह निराश हो चुकी है। भ्रष्टाचार, आर्थिक कुप्रबंधन, राजनीतिक प्रतिशोध और प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण सरकार का जनाधार समाप्त हो चुका है। जनता समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी और हिमाचल प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता तथा विकास की राजनीति को पुनः स्थापित करेगी।

सम्बंधित समाचार

Comments are closed