मण्डी: ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री ने दिलाई नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान-उप्रधानों को शपथ

16वें वित्त आयोग के तहत प्रदेश की पंचायतीराज संस्थाओं को मिलेंगे 3744 करोड़ रुपए, मंडी जिला को प्रदान किए जाएंगे 429 करोड़ रुपए- अनिरुद्ध सिंह

मण्डी: ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज यहां पड्डल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता करते हुए मंडी जिला की 577 ग्राम पंचायतों के नव-निर्वाचित प्रधानों एवं उप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने पंचायतों के सभी चुने हुए जनप्रतिनिधियों को एक सफल व विकासोन्मुख कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं और पूरी पारदर्शिता से कार्य करने का आह्वान किया।
त्रि-स्तरीय पंचायतीराज के सुदृढ़ीकरण में राजीव गांधी के योगदान को सराहा
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल इकाइयां हैं और सर्वांगीण विकास में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। त्रि-स्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं को सुदृढ़ करने में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी का अविस्मरणीय योगदान रहा है। उन्हीं के प्रयासों एवं दूरदृष्टि से 73वें संविधान संशोधन अधिनियम ने मूर्तरूप प्राप्त किया और पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ। इसी का सुपरिणाम है कि आज शिक्षित युवा बड़े स्तर पर पंचायतों के माध्यम से जनसेवा के क्षेत्र में आगे आए हैं।
पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक आगामी पांच वर्षों में प्रदेश में पंचायतों के माध्यम से विकास कार्यों पर लगभग 3744 करोड़ रुपए प्रदान किए जाएंगे। इनमें से इस वर्ष लगभग 481 करोड़ रुपए प्रदान किए जाएंगे। मंडी जिला को आगामी पांच वर्षों में इसमें लगभग 429.11 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जिनमें से 68.89 करोड़ रुपए इसी वर्ष जारी किए जाएंगे। यह निधि 50 प्रतिशत टाइड एवं शेष 50 प्रतिशत अनटाइड रूप में प्रदान की जाएगी। टाइड निधि में पेयजल योजनाओं के संचालन तथा रखरखाव पर व आधी राशि स्वच्छता पर तथा अनटाइड राशि में से अन्य स्थानीय विकास कार्यों पर पंचायतों में यह राशि व्यय की जाएगी।
वर्तमान सरकार ने पंचायत घरों के निर्माण के लिए राशि बढ़ाई
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने गत तीन वर्षों में पंचायत घरों के निर्माण एवं उन्नयन पर लगभग 113 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। पंचायत घरों के निर्माण के लिए पहले 33 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाती थी, जिसे वर्तमान प्रदेश सरकार ने बढ़ाकर 1.14 करोड़ रुपए किया है। इन पंचायत घरों को एकसमान डिजाइन के तहत निर्मित किया जा रहा है, ताकि एक आदर्श संस्थान के रूप में यह उभर सकें। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे कम से कम 10 बिस्वा भूमि पंचायत घरों के निर्माण के लिए उपलब्ध करवाएं और पंचायत क्षेत्र में वन मंजूरी के मामलों में कम से कम एक बीघा भूमि की स्वीकृति प्राप्त करना भी सुनिश्चित करें ताकि आवश्यकतानुसार विकास कार्यों में इसका उपयोग किया जा सके।
डिजिटल एवं ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रणाली हो रही विकसित
ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं सहित पंचायतों के डिजिटलीकरण के लिए भी प्रदेश सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से इन सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने का आह्वान भी किया। प्रदेश सरकार की ओर से सभी नवनिर्वाचित प्रधानों एवं उपप्रधानों को विभाग के कार्यों एवं उनके दायित्वों से संबंधित पठन सामग्री उपलब्ध करवाई गई है। इन नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से भाग लेने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल एवं ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रणाली भी विकसित कर रही है।
निर्विरोध पंचायतों की प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपए की
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंचायतों को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने पंचायतीराज अधिनियम एवं नियमों में कई सकारात्मक बदलाव भी किए हैं। निर्विरोध पंचायत चुनने पर प्रोत्साहन राशि 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए की गई है। इसी का सुपरिणाम है कि इस बार 137 पंचायतें निर्विरोध चुनकर आई हैं। उन्होंने सभी प्रधानों एवं उपप्रधानों से आग्रह किया कि वे सामाजिक एवं आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए अच्छी योजनाएं बनाकर सरकार को भेजें। 27 जून को विधिवत ग्राम पंचायतों की पहली बैठक आयोजित की जा रही है और पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, स्वरोजगार, पर्यावरण संरक्षण एवं नशामुक्ति को अपनी प्राथमिकताओं में अवश्य शामिल करें। राज्य सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों को पात्र लोगों तक पहुंचाने में अपना सक्रिय योगदान दें। बेहतरीन कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को एक्सपोजर विजिट पर भी ले जाया जाएगा।
इससे पहले धर्मपुर से विधायक चंद्रशेखर ने पंचायतीराज मंत्री को सम्मानित किया। जिला परिषद कैडर कर्मचारी संघ की ओर से भी मंत्री को सम्मानित किया गया। एक दिन के लिए डीसी बनीं होनहार छात्रा अलीशा को भी पंचायतीराज मंत्री की ओर से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सदर से विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा, धर्मपुर से विधायक चंद्रशेखर, द्रंग से विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर, हि.प्र. राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, राज्य जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जिला कांग्रेस समिति की अध्यक्षा चंपा ठाकुर, हि.प्र. निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह, एचपीएमसी निदेशक मंडल के सदस्य जोगिंदर गुलेरिया, पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर, नरेश चौहान तथा जीवन ठाकुर, सराज ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश रेड्डी, डॉ. चंद्रशेखर, देवेंद्र शर्मा, भागमल भरमौरिया, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, जिला विकास अधिकारी गोपीचंद पाठक सहित विभागीय उच्चाधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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