एनटीपीसी कोलडैम हाइड्रो परियोजना प्रबंधन के साथ आयोजित बैठक के दौरान बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री
बिलासपुर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज एनटीपीसी कोलडैम पावर स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पावर हाउस का निरीक्षण किया तथा परियोजना से संबंधित विभिन्न तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं। उन्होंने कोलडैम पावर स्टेशन की मोटर बोट से बांध क्षेत्र का भ्रमण कर परियोजना का अवलोकन भी किया।
इससे पूर्व एनटीपीसी कोलडैम प्रबंधन के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं तथा जिला बिलासपुर में वॉटर स्पोर्ट्स एवं पर्यटन गतिविधियों के विकास की भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी की कोलडैम परियोजना के अंतर्गत निर्मित विशाल झील वॉटर स्पोर्ट्स और पर्यटन गतिविधियों के लिए एक उत्कृष्ट आधार प्रदान करती है।
उन्होंने आसपास के लोगों, विशेषकर युवाओं से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का आह्वान किया, ताकि वे अपने घर-द्वार पर ही पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर सृजित कर सकें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस दिशा में एनटीपीसी कोलडैम परियोजना प्रबंधन जिला प्रशासन के साथ व्यापक समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करेगा, जिससे क्षेत्र में उपलब्ध वॉटर स्पोर्ट्स एवं पर्यटन की संभावनाओं का समुचित उपयोग किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला दो प्रमुख फोरलेन सड़क परियोजनाओं से जुड़ा होने के कारण यहां होम-स्टे गतिविधियों को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि पर्यटक यहां अधिक समय तक ठहर सकें। उन्होंने एनटीपीसी पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन को हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तथा पर्यटन विकास विभाग के साथ मिलकर होम-स्टे संचालन हेतु एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया। इसके माध्यम से प्रशिक्षित युवा बेहतर ढंग से होम-स्टे इकाइयों का संचालन कर सकेंगे। साथ ही पहले से संचालित होम-स्टे इकाइयों के संचालकों को भी अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़कर उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि एनटीपीसी देश की एक नवरत्न कंपनी है, जो 800 मेगावाट क्षमता वाले हाइड्रो पावर स्टेशन का सफल संचालन कर रही है। इस परियोजना का लाभ न केवल देश बल्कि प्रदेश को भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है तथा लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने बताया कि लाडा एवं सीएसआर फंड के माध्यम से एनटीपीसी द्वारा स्थानीय विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
उन्होंने एनटीपीसी कोलडैम प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रत्येक वर्ष विशेष रूप से बालिका सशक्तिकरण पर केंद्रित एक माह का कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें जरूरतमंद बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके अतिरिक्त स्वरोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी कई नवाचारात्मक पहलें शुरू की गई हैं।
इससे पूर्व एनटीपीसी कोलडैम परियोजना के परियोजना निदेशक शेषागिरी राव सत्तिराजु ने तकनीकी शिक्षा मंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की।
इस अवसर पर एसडीएम डाॅ. राजदीप सिंह, उपायुक्त कार्यालय के सहायक आयुक्त राज कुमार, कोलडैम हाइड्रो पावर स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।