युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण के साथ दिया जा रहा है एक हजार रुपए प्रशिक्षण भत्ता, 1800 रुपए तक प्लेसमेंट स्टाइपेंड अलग से

मण्डी: राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं, विभिन्न जनकल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों तथा “चिट्टा मुक्त हिमाचल–नशामुक्त मंडी” अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से विशेष प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।

मंगलवार को सदर विधानसभा क्षेत्र के गांव नालसन (ग्राम पंचायत साई) तथा गांव भरौण (ग्राम पंचायत भरौण) में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में विभाग से संबद्ध जालपा कला मंच, मंडी के कलाकारों ने गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।

कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पात्र वर्गों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन, विधवा, एकल एवं परित्यक्ता महिलाओं तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र युवाओं को एक वर्षीय पीजीडीसीए एवं डीसीए कंप्यूटर पाठ्यक्रम करवाए जाते हैं।
बताया गया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग तथा विधवा एवं एकल महिलाओं को 1,000 रुपए प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता और 1,500 रुपए प्लेसमेंट स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है। वहीं दिव्यांग लाभार्थियों को 1,200 रुपए प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता तथा 1,800 रुपए प्लेसमेंट स्टाइपेंड देने का प्रावधान है।
कलाकारों ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना सहित प्रदेश सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचाई तथा पात्र लोगों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस दौरान नुक्कड़ नाटकों और प्रेरक गीतों के माध्यम से युवाओं एवं आमजन को नशे से दूर रहने तथा “चिट्टा मुक्त हिमाचल–नशामुक्त मंडी” अभियान को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।

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