शिमला: रोबोटिक सर्जरी से लेकर 3-Tesla MRI तक: AIMSS चामियाना बना हिमाचल का अत्याधुनिक स्वास्थ्य हब

शिमला:  AIMSS शिमला के प्राचार्य डॉ. बृज शर्मा ने आयोजित एक प्रेस वार्ता में मीडिया को AIMSS चामियाना की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। इस अवसर पर AIMSS शिमला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा भी उपस्थित रहे। उन्होंने AIMSS चामियाना को संचालित और पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने में विशेष प्राथमिकता और सहयोग प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से AIMSS चामियाना को कम समय में पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया गया है। साथ ही प्रदेश की पहली रोबोटिक सर्जरी सुविधा भी AIMSS चामियाना को उपलब्ध करवाई गई है।
वर्तमान में AIMSS चामियाना में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी, सीटीवीएस तथा कार्डियक एनेस्थीसिया जैसी सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। मई माह में 12,267 मरीजों का ओपीडी में उपचार किया गया, जबकि 975 मरीजों को आईपीडी में भर्ती कर चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं।
रेडियोलॉजी विभाग द्वारा अब तक लगभग 737 अल्ट्रासाउंड, 548 सीटी स्कैन और 2,176 एक्स-रे किए जा चुके हैं, जो अस्पताल की बढ़ती क्षमता और कार्यकुशलता को दर्शाता है।

पिछले छह महीनों में अस्पताल ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं—

* 24×7 इंडोर लैब शुरू की गई।

* 24×7 ब्लड स्टोरेज सेंटर कार्यशील बनाया गया।

* 24×7 सीटी स्कैन और एक्स-रे सेवाएं शुरू की गईं।

* डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करवाई गई।

* अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं शुरू की गईं।

लगभग 29 करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा अस्पताल में स्थापित की गई है। 11 अगस्त 2025 से शुरू हुई रोबोटिक सर्जरी यूनिट में अब तक 245 रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त रोबोटिक सर्जरी के लिए आवश्यक उपभोग्य सामग्रियों की खरीद हेतु 2.54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन प्रदेशवासियों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
भविष्य की योजनाएं
अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य नवीनतम तकनीक के माध्यम से मरीजों को समग्र और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
* लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत वाली 3-टेस्ला एमआरआई मशीन स्वीकृत की गई है, जिसके अगले एक माह में स्थापित होने की संभावना है।
* 25 करोड़ रुपये की लागत वाला ट्रैक-बेस्ड ऑटोमेटेड लैब सिस्टम स्वीकृत किया गया है।
* उन्नत रेडियोलॉजिकल उपचारों के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत वाली डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) मशीन को मंजूरी दी गई है।

संस्थान के लिए स्वीकृत आउटसोर्स पद
* 100 स्टाफ नर्स
* 10 लैब तकनीशियन
* 10 रेडियोग्राफर
* 10 ओटी असिस्टेंट
इसके अतिरिक्त डीएमई कैडर के अंतर्गत आठ सहायक प्रोफेसरों के पदों को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) के माध्यम से भरने की स्वीकृति दी गई है।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि अस्पताल सेवाओं में सुधार के लिए सभी सुझावों का स्वागत है।

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