शिमला : RAMP एवं इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
शिमला : RAMP एवं इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
शिमला: बिजनेस प्रमोशन सेंटर, शोघी, शिमला में राइजिंगएंडएक्सीलरेटिंगएमएसएमईपरफॉर्मेंस (RAMP) पहल के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिमला एवं शोघी औद्योगिक क्षेत्र के स्थानीय उद्यमियों तथा उद्योग प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईपीओप्रमोदशर्मा ने की। इस अवसर पर RAMP सलाहकारवरुणशुक्लाएवंविनयदत्त तथा जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), शिमला के अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को उत्पादकता, कार्यकुशलता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने हेतु इंडस्ट्री 4.0 तकनीकोंको अपनाने के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर, ऑटोमोबाइल, प्रसाधन सामग्री (कॉस्मेटिक्स), प्लास्टिक एवं अन्य क्षेत्रों से जुड़े लगभग 30 उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान सीईएलकेविशेषज्ञतुषारसैनीने बताया किकृत्रिमबुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI), इंटरनेटऑफथिंग्स (IoT), मशीनलर्निंग (ML), स्मार्टविनिर्माण, क्लाउडकंप्यूटिंग, उद्यमसंसाधननियोजन (ERP) तथाग्राहकसंबंधप्रबंधन (CRM) जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकें एमएसएमई इकाइयों को अपने संचालन का आधुनिकीकरण करने, गुणवत्ता में सुधार लाने, उपकरणों की समग्र कार्यक्षमता बढ़ाने तथा लागत में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इस संबंध में एमएसएमई व्यवहार्यता अध्ययनों के वास्तविक उदाहरण भी प्रस्तुत किए गए।
इसके अतिरिक्त, RAMP जागरूकता अभियान के अंतर्गत एमएसएमई पंजीकरण एवं खुले बाजार तक पहुंच प्राप्त करने हेतु उपलब्ध पोर्टल की जानकारी भी प्रतिभागियों के साथ साझा की गई।
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा समर्थित RAMP पहल का उद्देश्य एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाना, तकनीकी उन्नयन को प्रोत्साहित करना तथा उद्योगों की क्षमता वृद्धि के माध्यम से उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। जागरूकता सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश के उद्यमों में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने हेतु RAMP के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न योजनाओं, टूलकिट्स तथा सहायता तंत्रों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर प्रमोदशर्मा ने एमएसएमई इकाइयों से स्मार्ट तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बदलते औद्योगिक परिवेश में भविष्य के लिए तैयार रहने और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए तकनीकी नवाचार आवश्यक है। उन्होंने उद्यमियों को सरकारी सहायता योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने स्मार्ट एमएसएमई अवधारणा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा की। प्रश्नोत्तर सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा।
कार्यक्रम में एमएसएमई प्रतिनिधियों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों एवं उद्योग जगत से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन क्लस्टर स्तर पर इंडस्ट्री 4.0 समाधानों के व्यावहारिक क्रियान्वयन से संबंधित संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ।