‘ऑपरेशन नया सवेरा’ अभियान के तहत 19 आरोपी गिरफ्तार

 हिमाचल: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू  दवारा 15 नवम्बर 2025 को प्रारम्भ किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध निरंतर, प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में जिला कांगड़ा पुलिस द्वारा अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध “ऑपरेशन नया सवेरा” नामक विशेष अभियान चलाया गया। यह अभियान एक संगठित हेरोइन (चिट्टा) तस्करी गिरोह के विरुद्ध केंद्रित था, जो जिला कांगड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय था। जांच के दौरान एक सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला का खुलासा हुआ, जिसका संचालन पंजाब के जालंधर निवासी अभिषेक साहोता द्वारा किया जा रहा था। उसने कांगड़ा जिले में विभिन्न वितरण केंद्र स्थापित कर चिट्टा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर रखी थी।

जांच में यह भी सामने आया कि तस्करी नेटवर्क मानव कूरियरों, गुप्त ड्रॉप-प्वाइंट्स, वीडियो पुष्टि, गूगल मैप लोकेशन, क्यूआर-कोड आधारित भुगतान प्रणाली तथा विभिन्न बैंक खातों एवं लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से वित्तीय लेन-देन का उपयोग कर रहा था, जिससे इसकी पहचान एवं निगरानी चुनौतीपूर्ण हो गई थी।

गोपनीय सूचनाओं, तकनीकी निगरानी एवं विस्तृत अन्वेषण के आधार पर कांगड़ा पुलिस ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा चंडीगढ़ में समन्वित छापेमारी अभियान चलाते हुए एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत अनेक मामलों का पंजीकरण किया।

अभियान के विभिन्न चरणों में कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नेटवर्क के प्रमुख सहयोगी, वितरक, कूरियर एवं आपूर्तिकर्ता शामिल हैं। अभियान के दौरान कुल 167.18 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 18 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा मादक पदार्थों की तस्करी में प्रयुक्त एक मालवाहक वाहन बरामद किया गया। साहोता नेटवर्क से संबंधित कुल 23 मामले एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किए गए हैं।

आगे की जांच में नेटवर्क की अग्र एवं पश्च कड़ियों (Forward & Backward Linkages) का भी सफलतापूर्वक पता लगाया गया। तकनीकी साक्ष्यों, गिरफ्तार आरोपियों के खुलासों तथा वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण के आधार पर 05 जून 2026 को गौरव साहोता, हनी पुत्र सोमनाथ तथा हनी कुमार पुत्र ऋषि कुमार को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि हनी कुमार, जिसे 05 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में गिरफ्तार किए गए अभिषेक साहोता का मुख्य आपूर्तिकर्ता पाया गया, नेटवर्क में हेरोइन की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।

वित्तीय जांच के दौरान पिछले एक वर्ष में लगभग ₹80 लाख के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है, जिनमें जनवरी 2026 से अब तक लगभग ₹39 लाख के वित्तीय लेन-देन शामिल हैं। बैंक खातों एवं अन्य वित्तीय अभिलेखों की विस्तृत जांच जारी है, ताकि अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) का पता लगाया जा सके तथा एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त एवं फ्रीज करने की कार्रवाई की जा सके।

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण सामाजिक परिणाम यह रहा कि जांच के दौरान नेटवर्क से जुड़े 184 चिट्टा उपभोक्ताओं की पहचान की गई। जिला प्रशासन के सहयोग से इन व्यक्तियों के लिए परामर्श, नशामुक्ति उपचार, पुनर्वास तथा अनुवर्ती सहायता कार्यक्रम प्रारम्भ किए गए हैं, ताकि उन्हें मुख्यधारा में पुनर्स्थापित किया जा सके।

“ऑपरेशन नया सवेरा” ने एक संगठित अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को गंभीर रूप से प्रभावित किया है तथा यह कांगड़ा पुलिस की प्रवर्तन, रोकथाम एवं पुनर्वास आधारित समग्र रणनीति की प्रभावशीलता को दर्शाता है। मामले की आगे की जांच जारी है तथा नेटवर्क के शेष सदस्यों की पहचान, अवैध आय का पता लगाने, शेष आपूर्ति श्रृंखलाओं को ध्वस्त करने एवं “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा की गई अपील को पुनः दोहराती है कि चिट्टा अथवा अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री अथवा सेवन से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल डायल-112 अथवा निकटतम पुलिस थाना के साथ साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त प्रत्येक सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 मुख्यमंत्री के दूरदर्शी एवं सशक्त नेतृत्व, जनसहभागिता तथा युवाओं के सक्रिय सहयोग से हिमाचल प्रदेश पुलिस “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध व्यापार के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई, वित्तीय जांच, संपत्ति जब्ती, नशामुक्ति, पुनर्वास तथा जन-जागरूकता जैसे बहुआयामी प्रयासों के माध्यम से राज्य को नशामुक्त एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में निरंतर अभियान जारी रहेगा।

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