गुणवत्तापूर्ण आंकड़े सुशासन और विकास की कुंजी – सचिव योजना

राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में जनसहभागिता सुनिश्चित करने का किया आह्वान

शिमला: वित्त, योजना, अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने आज यहां अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग की गतिविधियों तथा विभिन्न पहलों की समीक्षा की।
उन्होंने राज्य सकल घरेलू उत्पाद के आकलन, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक गतिविधियों, राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यक्रमों, डिजिटल पहलों, राज्य सांख्यिकी सुदृढ़ीकरण परियोजना 2.0 तथा आठवीं आर्थिक जनगणना की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सटीक, विश्वसनीय और समयबद्ध आंकड़े प्रभावी प्रशासन एवं सुदृढ़ नीति-निर्माण की आधारशिला हैं।
डॉ. जैन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सांख्यिकीय आंकड़े सरकार को सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने, प्रभावी नीतियां बनाने तथा संसाधनों के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को आंकड़ों के सत्यापन तंत्र को और मजबूत बनाने तथा आंकड़ा संग्रहण एवं प्रतिवेदन प्रक्रियाओं में एकरूपता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन में डेटा-आधारित निर्णयों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसलिए सांख्यिकीय प्रणालियों, योजना निर्माण, निगरानी और मूल्यांकन तंत्रों के बीच बेहतर समन्वय एवं एकीकरण आवश्यक है।
सचिव ने कहा कि विश्वसनीय सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन और राज्य के विकास प्रयासों को गति देने के लिए जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे क्षेत्रीय अन्वेषकों एवं सर्वेक्षण गणनाकारों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाकर सर्वेक्षण कार्यों में सहयोग करें।
बैठक में आर्थिक सलाहकार डॉ. विनोद राणा ने कहा कि विभाग कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा। इनमें आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस), वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (एएसआई), असंगठित क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई), घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण (डीटीईएस) तथा राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) का 81वां दौर शामिल है।
इस अवसर पर राज्य के सभी जिला सांख्यिकी अधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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