हिमाचल: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को एक बार फिर संसद रत्न अवार्ड से समानित किया गया है। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली कोयला, स्टील एवं खान समिति को उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण प्रतिष्ठित संसद रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है। अनुराग सिंह ठाकुर का फिर एक बार संसद रत्न पुरस्कार के लिए चुना जाना पूरे हिमाचल के लिए गर्व की बात है। पूर्व में 2019 में लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप और हमीरपुर से सांसद के रूप में अनुराग सिंह ठाकुर को संसद में बेहतरीन कामकाज के लिए चेन्नई में सांसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया था। तमिलनाडु के तत्कालीन राज्यपाल श्री बनवारी लाल पुरोहित ने अनुराग सिंह ठाकुर को यह अवार्ड दिया था।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सांसदों को सम्मानित करने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के सुझाव पर संसद रत्न पुरस्कारों की स्थापना 2010 में की गई थी। इस पुरस्कार के चयन के लिए सांसदों को चर्चाओं में शामिल होने की संख्या, उनके पूछे गए प्रश्नों की संख्या, विधेयकों को पेश करने की संख्या, संसद में उनकी उपस्थिति और सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत फंड के इस्तेमाल पर तय किया जाता है। स्थापना के बाद से संसद रत्न पुरस्कार पारदर्शिता और संसदीय उत्कृष्टता की एक प्रतिष्ठित संस्था के रूप में विकसित हुए हैं। इन पुरस्कारों को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्राप्त है।
अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में कोयला, स्टील एवं खान संसदीय स्थायी समिति (18वीं लोकसभा) ने अत्यंत सक्रियता और निष्ठा के साथ कार्य किया है। समिति ने अब तक 23 महत्वपूर्ण रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की हैं, जिनमें कोयला मंत्रालय, खान मंत्रालय और इस्पात मंत्रालय से संबंधित गहन समीक्षाएँ, अनुदान माँगें और क्रियान्वयन रिपोर्टें सम्मिलित हैं। इन रिपोर्टों में कोयला खनन परियोजनाओं के लिए पर्यावरण एवं वन स्वीकृति प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाना, जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) निधि एवं प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) का क्रियान्वयन, खनिजों एवं धातुओं में आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास न्यास (NMEDT) की समीक्षा, स्टील स्क्रैप रिसाइक्लिंग नीति तथा स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की संगठनात्मक संरचना एवं प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। समिति ने एक वर्ष में 50 से अधिक बैठकें कर देश के ऊर्जा, खनन एवं इस्पात क्षेत्र की नीतियों और योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया तथा राष्ट्रीय विकास में इन क्षेत्रों की भूमिका को सुदृढ़ करने के लिए ठोस सिफारिशें प्रस्तुत कीं।
इस वर्ष के लिए संसद रत्न अवार्ड के लिए चयनित होने पर हर्ष प्रकट अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “यह मेरे लिए हर्ष का विषय है कि फिर एक बार एक सांसद के रूप में अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन करने के लिए मुझे संसद रत्न जैसा प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने जा रहा है। मैं इसे मेरे संसदीय क्षेत्र और पूरे हिमाचल के सम्मान के तौर पर देखता हूँ। मैं कोयला, स्टील एवं खान समिति के सभी साथी सांसदों व संसद रत्न पुरस्कार की चयन समिति का आभार प्रकट करता हूँ।”
ठाकुर ने आगे कहा, “यह अत्यंत गर्व का विषय है कि कोयला, खान एवं इस्पात संसदीय स्थायी समिति को संसद रत्न पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान समिति के सभी सदस्यों का है और यह हम सभी की उस सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतिबिम्ब है जो हमने प्रभावी संसदीय निगरानी, महत्वपूर्ण विधायी जाँच-परख और राष्ट्रीय विकास के लिए कोयला एवं खान क्षेत्र के मुख्य मुद्दों को संबोधित करने में दिखाई है। यह मान्यता मुझे और अधिक जन-केंद्रित मुद्दे उठाने के लिए प्रेरणा देगी तथा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में मुझे आगे बढ़ाएगी।”