राज्य में हरित आवरण को 29.5 प्रतिशत से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 32 प्रतिशत करने का लक्ष्य

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए अभिनव पहल

शिमला: हिमाचल के हरित आवरण में वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘मिशन-32 प्रतिशत’ शुरू किया है। इस मिशन का उद्देश्य वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश के हरित आवरण में 32 प्रतिशत तक विस्तार करना है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी पहल के अनुरूप वन विभाग द्वारा राज्य की पारिस्थितिकी को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक रणनीतियां तैयार कर कार्य किए जा रहे है। सरकार की बहुआयामी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक समग्र कार्य योजना तैयार की गई है।
हिमाचल की जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्तमान में राज्य का वन क्षेत्र 29.5 प्रतिशत है, जिसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 32 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वन क्षेत्र के विस्तार से जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन, मिट्टी और जल संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ, इस पहल से वनीकरण, कृषि वानिकी तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर भी सृजित होंगे। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कैम्पा, बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं तथा अन्य विभागीय योजनाओं के अंतर्गत पौधारोपण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 8,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें फलदार एवं देशी किस्मों के पौधों लगाने पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि पारिस्थितिकीय संतुलन के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ हो सके।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कार्यभार संभालने के उपरांत पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कई अभिनव हरित पहले की हैं। राजीव गांधी वन संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना और राजीव गांधी ग्रीन एडॉप्शन स्कीम जैसी योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में लगभग 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 1,100 सामुदायिक समूहों के माध्यम से पौधारोपण गतिविधियां संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें 60 प्रतिशत महिला समूह, 20 प्रतिशत युवा समूह तथा 20 प्रतिशत अन्य स्वयं सहायता समूह शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार प्रमुखता से कार्य कर रही है और हरित विकास रणनीति के प्रमुख स्तंभों के रूप में नवीकरणीय ऊर्जा, प्राकृतिक खेती, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और सतत पर्वतीय विकास को निरंतर बढ़ावा प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश, देश में पारिस्थितिकी संरक्षण और सतत विकास का एक अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।

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