शिमला: आतंकवाद विरोधी दिवस पर उद्योग विभाग ने दिया शांति और एकता का संदेश
शिमला: आतंकवाद विरोधी दिवस पर उद्योग विभाग ने दिया शांति और एकता का संदेश
शिमला: उद्योग निदेशालय, हिमाचल प्रदेश तथा राज्य के सभी जिला उद्योग केंद्रों में बुधवार को आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने आतंकवाद एवं हिंसा का विरोध करते हुए देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। निदेशालय मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक उद्योग श्रीमती दीपिका खत्री ने सभी को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान शांति, अहिंसा और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर उद्योग आयुक्त डॉ. यूनुस ने कहा कि,“आतंकवाद विरोधी दिवस हमें शांति, एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है। ऐसे आयोजन समाज, विशेषकर युवाओं को हिंसा से दूर रहकर राष्ट्रीय एकता और सद्भाव के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।” अतिरिक्त निदेशक श्री तिलक राज शर्मा ने कहा कि,“आज ली गई शपथ सामाजिक सद्भाव, संवैधानिक मूल्यों और शांतिपूर्ण समाज के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आतंकवाद और हिंसा मुक्त भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है।” कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने समाज में भाईचारे, सहिष्णुता और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देने तथा आतंकवाद के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया। आतंकवाद विरोधी दिवस देशभर में लोगों को आतंकवाद और हिंसा के खतरों तथा उनके समाज और राष्ट्र पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिवस पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की स्मृति में भी आयोजित किया जाता है, जिनकी 21 मई 1991 को आतंकवादी हमले में हत्या कर दी गई थी। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को हिंसा और आतंकवाद के रास्ते से दूर रखते हुए शांति, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करना है। इसी क्रम में देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और सरकारी संस्थानों में परिचर्चाएं, संगोष्ठियां, व्याख्यान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।