· जन समस्याओं का घर-द्वार पर निपटान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- विक्रमादित्य सिंह
· नेरी से बाढु सड़क के निर्माण के तहत वन विभाग को 1.25 करोड़ रुपए की लेवी राशि वनीकरण के लिए शीघ्र जारी करने की घोषणा
मण्डी: लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र की दूरदराज ग्राम पंचायत निहरी में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की अध्यक्षता की। क्षेत्र की 9 पंचायतों की 181 शिकायतों एवं समस्याओं का निपटारा इस कार्यक्रम के दौरान किया गया।
सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में ग्राम पंचायत निहरी, घड़ोई, बजौहण, रोहांडा, सेगल, डुमट बैहली, जरल, बंदली तथा ग्राम पंचायत मरहड़ा बदेहन के लोगों की ओर से लगभग 108 शिकायतें एवं समस्याएं प्राप्त हुईं। इनमें से 98 का समाधान प्रशासनिक स्तर पर पहले ही कर लिया गया, जबकि आज प्राप्त 83 समस्याओं का मौके पर ही निपटान किया गया, जबकि विभिन्न मांगों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
इस अवसर पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में जनता की आवाज को सुनने और घर-द्वार पर उनकी समस्याओं का निराकरण करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। इसके लिए सरकार गांव के द्वार, राजस्व लोक अदालतों के आयोजन सहित कई नई पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे जहां लोगों के रोजमर्रा की समस्याओं का त्वरित एवं समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित हो रहा है, वहीं विभिन्न विभागीय प्रदर्शनियों एवं सेवा केंद्रों के माध्यम से उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दिव्यांगता सहित अन्य प्रमाण पत्र व विविध सेवाएं घर के समीप ही उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज यहां प्रस्तुत समस्याओं एवं मांगों में अधिकांश लोक निर्माण विभाग, राजस्व, वन, बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग इत्यादि से संबंधित रही हैं, जिनके निराकरण के लिए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित विभागों को जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने निहरी के ग्रामीणों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेहद शालीन एवं सद्भावपूर्ण वातावरण में आज का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके लिए समस्त जनता व अधिकारी सराहना के पात्र हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि यहां प्रस्तुत एक-एक मामले पर पूरी गंभीरता से संज्ञान लिया गया है और वे स्वयं भी इनकी प्रगति की निगरानी करेंगे।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि दूरदराज क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ने को विभाग प्राथमिकता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि निहरी के लिए पंडार होकर आने वाली मुख्य सड़क का कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-3 के तहत किया जा रहा है और इसी माह से यह कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित समय अवधि में यह कार्य मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे स्वेच्छा से भूमिदान कर विकास में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि ऐसे भूमिदाताओं के नाम पर सड़क का नामकरण करने का मामला वे मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखेंगे। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल की मांग पर उन्होंने नेरी से बाढु सड़क के निर्माण के लिए वन विभाग की ओर से वनीकरण के लिए आवश्यक एक करोड़ 25 लाख रुपए की लेवी राशि लोक निर्माण विभाग की ओर से शीघ्र जमा करवाने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली लोड की समस्या के समाधान के लिए क्षेत्र में 16 नए डीटीआर लगाए जा रहे हैं, जबकि 22 ट्रांसफार्मर को अपग्रेड किया जा रहा है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई-4के प्रथम बैच में लगभग 1500 कि.मी. सड़कों के निर्माण के लिए करीब 2300 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से भेंट कर पीएमजीएसवाई-3 के तहत जारी कार्यों को एक्सटेंशन का मामला उठाया था। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में इन कार्यों को दो साल का विस्तार दिया गया है जिसके तहत करीब तीन हजार करोड़ रुपए के कार्य समयबद्ध पूरे करने का लक्ष्य लोक निर्माण विभाग ने रखा है।
लोक निर्माण मंत्री ने निहरी कॉलेज में रिक्त पदों का मामला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निहरी के भवन के शेष कार्य के लिए राशि उपलब्ध करवाने तथा निहरी में तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय स्थापित करने बारे मुख्यमंत्री के समक्ष मामला रखने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने तहसील कल्याण अधिकारी को माह के कुछ दिनों तक निहरी में बैठने की व्यवस्था बनाने के लिए भी संबंधित विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्माणाधीन भवन जिनका 70 से 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें समयबद्ध पूर्ण कर जनता को समर्पित करने को प्राथमिकता प्रदान की जा रही है।
इससे पूर्व उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए सेवा केंद्रों एवं प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और मूल माहूंनाग मंदिर में शीश नवाकर प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना भी की। स्वास्थ्य जांच शिविर के दौरान 216 लोगों की जांच की गई जबकि 48 दिव्यांगता मामलों में भी स्वास्थ्य जांच की गई। एसडीएम कार्यालय की ओर से आरसी व लर्निंग लाइसेंस भी जारी किए गए।