राजस्व अधिकारियों की बैठक में बोले उपायुक्त
मण्डी: उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में जिलाधीश कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में सोमवार देर सायं राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें 16 फरवरी, 2026 से 15 मार्च, 2026 की अवधि के दौरान निपटाए गए राजस्व अदालती मामलों एवं अन्य कार्यों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि इस अवधि में जिला के सभी तहसील एवं उप-तहसील कार्यालयों में तकसीम के 222, निशानदेही के 383 तथा राजस्व दुरुस्ती के 323 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त इस अवधि में 2239 इंतकाल भी दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि राजस्व अदालतों के माध्यम से भी मामलों के निपटारे में प्रगति दर्ज की गई है। फरवरी माह के अंतिम दो दिनों में आयोजित राजस्व अदालतों के दौरान जिला मंडी में तकसीम के 20, निशानदेही के 42 तथा राजस्व दुरुस्ती के 52 मामलों का निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि लंबित तकसीम, निशानदेही व राजस्व दुरुस्ती मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जा रहा है। एक वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित तकसीम के 11 तथा निशानदेही के 78 मामलों का भी समाधान किया गया, जिससे लंबित प्रकरणों में कमी आई है।
अपूर्व देवगन ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि एक वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित तकसीम, निशानदेही एवं राजस्व दुरुस्ती से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए।
इसके अतिरिक्त बैठक के दौरान जमाबंदी, स्वामित्व, मुख्यमंत्री सेवा संकल्प से संबंधित शिकायतों तथा अन्य सामान्य शिकायतों की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि राजस्व सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा सहित सभी उपमंडलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।