व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में सुधार, एडीसी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित
बिलासपुर: अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में आज व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों के वितरण बारे राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना/दिशानिर्देशों के सम्बन्ध में जिला में घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की विस्तृत समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि वर्तमान में जिला बिलासपुर में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही, गैस एजेंसियों को उनकी व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कुल दैनिक मांग का लगभग 50 प्रतिशत आवंटन किया जा रहा है, जिससे व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति में भी सुधार हुआ है।
राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति विभिन्न क्षेत्रों के लिए निर्धारित की गई है, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों एवं अस्पतालों के लिए 37 प्रतिशत, होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों के लिए 36 प्रतिशत, सामाजिक कार्यक्रमों एवं सभाओं के लिए 9 प्रतिशत तथा फार्मास्युटिकल उद्योग, सरकारी/पीएसयू/कॉरपोरेट/औद्योगिक इकाइयों एवं कैंटीन के लिए 9 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वह इन दिशा-निर्देशों के अनुरूप उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करें।
जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ब्रिजेन्द्र पठानिया ने बताया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम जनता को किसी भी प्रकार की चिंता या घबराहट की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में जिले में 14 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जो उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का बुकिंग अंतराल लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने गैस सिलेंडर की बुकिंग करवाएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।