निजी कोविड टीकाकरण केंद्र करेंगे राज्य में टीकाकरण अभियान आरम्भ

जिला बिलासपुर में ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान 29 मार्च से

14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 2735 किशोरियों का 30 स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से होगा टीकाकरण

स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप, 5 अप्रैल तथा 12 अप्रैल को भी जारी रहेगा अभियान

बिलासपुर: जिला बिलासपुर में ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव एवं सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए 29 मार्च (रविवार) से विशेष टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। यह अभियान आगामी 5 अप्रैल तथा 12 अप्रैल को भी जारी रहेगा। इस अभियान के अंतर्गत जिला बिलासपुर में चार चिकित्सा खंडों के अंतर्गत कुल 30 स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 2735 किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अन्य संबंद्ध विभागों के सहयोग से सभी तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान कर दिया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ. शशी दत शर्मा ने बताया कि जिला में ह्यूमन पेपीलौमा वायरस टीकाकरण अभियान के लिए जिला के चारों चिकित्सा खंडों में 30 स्वास्थ्य संस्थानों को चिन्हित किया गया है। जिनके माध्यम से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कुल 2735 किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा, जिनकी जन्म तिथि 28 फरवरी 2011 से 24 मई 2012 होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि घुमारवीं चिकित्सा खंड में 4 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भराड़ी, सिविल अस्पताल (सीएच) घुमारवीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हरलोग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुठेड़ा शामिल है। इसी तरह झंडुता चिकित्सा खंड में कुल 9 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं, जिनमें सिविल अस्पताल (सीएच), बरठीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तलाई तथा झंडुता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भेहड़ी, गेहड़वीं, कलोल, मरोतन, पनौल तथा ऋषिकेश शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा खंड मारकंड के अंतर्गत कुल 10 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित एमसीएच, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी पंजगाई, सिविल अस्पताल मारकंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी बागी सुंगल, भजून, छडोल, मलोखर, नम्होल, राजपुरा, मंडी मानवा शामिल हैं। जबकि श्री नैना देवी जी चिकित्सा खंड में 7 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें सिविल अस्पताल घवांडल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वाहण, तरसूह, टोबा, भाखड़ा तथा बैहल शामिल हैं।

सीएमओ ने बताया कि ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) यानि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर विश्व स्तर पर सबसे आम संक्रमण में से एक है और भारत में भी महिलाओं में आम कैंसर में से दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। समय पर टीकाकरण, सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच तथा तथा व्यापक जन जागरूकता के माध्यम से एचपीवी से होने वाली बीमारियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

उन्होंने बताया कि टीकाकरण खाली पेट नहीं किया जाएगा तथा टीका चिकित्सक की निगरानी में ही लगाया जायेगा तथा टीका लगाने के उपरांत किशोरियों को आधे घंटे तक निगरानी में रखा जाएगा ताकि किसी भी संभावित प्रतिकूल स्थिति में तुरंत आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने बताया कि जिला के सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों एवं अन्य विभागों को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों तथा पंचायती राज संस्थाओं के अलावा शिक्षा विभाग के माध्यम से विद्यालयों में आयोजित पेरेंट्स मीटिंग के दौरान अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण तथा टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि किसी कारणवश अभियान के दौरान जो किशोरियां छूट जाएंगी उनका टीकाकरण आगामी 19 अप्रैल, 10 मई और 24 मई तथा 21 जून 2026 को किया जाएगा।

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