आर्थिक चुनौतियों के बीच संतुलित और जनहितकारी बजट; हर वर्ग को साधने की सफल पहल – बलदेव ठाकुर
आर्थिक चुनौतियों के बीच संतुलित और जनहितकारी बजट; हर वर्ग को साधने की सफल पहल – बलदेव ठाकुर
शिमला: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव एवं वर्तमान में राज्य बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक बलदेव ठाकुर ने कहा कि हाल ही में आई आपदा से हुए भारी नुकसान तथा केंद्र सरकार के नकारात्मक रवैये के बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक संतुलित और प्रभावशाली बजट प्रस्तुत किया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की कुल राजस्व प्राप्तियां 40,361 करोड़ रुपये हैं, जबकि व्यय 46,938 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे 6,577 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा उत्पन्न हुआ है। इसके अतिरिक्त 9,698 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा और लगभग 85,311 करोड़ रुपये का कर्ज प्रदेश की वित्तीय स्थिति को चुनौतीपूर्ण बनाता है।
बलदेव ठाकुर ने आरोप लगाया कि पूर्व में केंद्र सरकारें ऐसी परिस्थितियों में प्रदेश की सहायता करती रही हैं, लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते न केवल अनुदान रोके हैं, बल्कि राज्य की ऋण सीमा में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की कटौती भी की है, जिससे प्रदेश सरकार पर अतिरिक्त दबाव बनाया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को उम्मीद थी कि इन परिस्थितियों में प्रदेश सरकार अस्थिर हो जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन आशंकाओं को गलत साबित करते हुए एक मजबूत और दूरदर्शी बजट पेश किया है। उनके अनुसार, यह बजट हिमाचल के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ बजटों में से एक है, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
बजट में किसानों और बागवानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसान आयोग के गठन तथा फसलों एवं दुग्ध उत्पादों के समर्थन मूल्य में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स, पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर, मल्टी टास्क वर्कर्स, आउटसोर्स कर्मचारियों सहित विभिन्न वर्गों के वेतन और सामाजिक पेंशनों में वृद्धि कर निचले तबके को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं, साथ ही विभिन्न विभागों में नई भर्तियों की दिशा में भी पहल की गई है।
विशेष रूप से, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में क्रमशः 50%, 40%, 30% और 20% की कटौती कर छह माह तक रोक लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि आर्थिक संसाधनों को जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जा सके। बलदेव ठाकुर ने इसे देश के अन्य नेताओं के लिए एक अनुकरणीय कदम बताया।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है, बल्कि वर्ष 2027 में कांग्रेस की पुनः सत्ता वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार भी तैयार करता है।