श्री चिंतपूर्णी विस में जलशक्ति विभाग के 150 करोड़ के विकास कार्य प्रगति पर : मुकेश अग्निहोत्री
श्री चिंतपूर्णी (ऊना): उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र के लिए निर्मित 12.42 करोड़ रुपये लागत की उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इस योजना से मंदिर क्षेत्र सहित पांच पंचायतों के 19 गांवों में नियमित एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुदर्शन बबलू भी उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना से 10 हजार से अधिक स्थानीय नागरिक, 4 हजार से अधिक विद्यार्थी तथा प्रतिवर्ष आने वाले हजारों श्रद्धालु लाभान्वित होंगे। कलरूही खड्ड से लगभग 17 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर पानी पहुंचाया गया है तथा तीन भंडारण टैंक और आधुनिक पंपिंग मशीनरी स्थापित की गई है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र लंबे समय से इस योजना की प्रतीक्षा कर रहा था। इसे समयबद्ध पूर्ण करने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन स्थल चिंतपूर्णी में पेयजल व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित होगा।
*प्रदेश में युद्धस्तर पर चल रहे हैं जल योजनाओं के कार्य*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेयजल योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है तथा विभिन्न योजनाओं के कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक समय जिला ऊना में पानी की गंभीर समस्या रही है, परंतु आज विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हर क्षेत्र तक पेयजल पहुंचाया जा रहा है। जिले में व्यापक स्तर पर 600 से अधिक ट्यूबवेल स्थापित किए जा चुके हैं तथा भभौर साहिब और पौंग डैम से जलापूर्ति की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 150 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं।
*‘माता का बाग’ योजना छह माह में पूर्ण करने का लक्ष्य*
उपमुख्यमंत्री ने 4 करोड़ रुपये लागत की ‘माता का बाग’ पेयजल योजना के कार्य को युद्धस्तर पर आरंभ करने के निर्देश देते हुए इसे छह माह में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। योजना के तहत कलरूही से माता का बाग तथा वहां से भरवाई होते हुए मंदिर क्षेत्र को जोड़ा जाएगा। साथ ही मुबारिकपुर सहित प्रमुख स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ निर्माण भी किए जाएंगे।
*मंदिर विकास के लिए प्रथम चरण में 130 करोड़ उपलब्ध*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास, विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए पहले चरण में लगभग 130 करोड़ रुपये उपलब्ध करवा दिए गए हैं। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि कार्य तत्काल आरंभ करवाया जाए तथा दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जब देश के अन्य प्रमुख मंदिरों का विकास हो सकता है तो माता चिंतपूर्णी के कार्य में विलंब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्र की प्रसाद योजना के अंतर्गत प्राप्त 56 करोड़ रुपये की धनराशि के लिए प्रदेश सरकार को न्यायालय का सहारा लेना पड़ा, जबकि अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने उपलब्ध करवाए हैं, ताकि मंदिर परिसर को भव्य स्वरूप दिया जा सके।
*100 करोड़ की रोपवे परियोजना को दें गति*
उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपये की रोपवे परियोजना को शीघ्र सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगी।
उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा सुविधा से मंदिर क्षेत्र की आय में लगभग 12.50 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने भरवाईं चौक के चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण, संपूर्ण मंदिर क्षेत्र में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं निर्मित करने के लिए युद्धस्तर पर काम अकड़ने के निर्देश दिए।
*जल परिवहन से जुड़ेगा नैना देवी मंदिर*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए जल परिवहन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। बिलासपुर से जलमार्ग के माध्यम से नैना देवी मंदिर को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने जल परिवहन में केरल मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विधायक सुदर्शन बबलू की सक्रियता की सराहना करते हुए विकास कार्यों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को आवश्यक बताया।