शिमला: NTA के खिलाफ SFI का प्रदर्शन; सामूहिक गिरफ्तारियां देकर जताया विरोध

शिमला: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली और विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं के विरोध में एसएफआई हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी ने गुरुवार को शिमला में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने धारा 163 का उल्लंघन करते हुए केंद्र सरकार और एनटीए के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों के माध्यम से मौके से रवाना किया। एसएफआई ने आरोप लगाया कि पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और तकनीकी खामियों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने की घटनाएँ, तकनीकी अव्यवस्थाएँ तथा अन्य अनियमितताओं ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इन विफलताओं का खामियाज़ा देशभर के लाखों विद्यार्थियों ने भुगता है और हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थी भी इससे अछूते नहीं रहे हैं।
नीट-यूजी पेपर लीक, यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द होने की घटनाएँ, सीयूईटी तथा अन्य परीक्षाओं से जुड़ी लगातार अनियमितताओं ने भारत की परीक्षा प्रणाली में व्याप्त गहरे संकट को उजागर कर दिया है। हर रद्द हुई परीक्षा, हर पेपर लीक और हर तकनीकी विफलता के पीछे लाखों विद्यार्थियों के सपने, वर्षों की मेहनत और उनका भविष्य दाँव पर लगा हुआ है। बार-बार की विफलताओं के बावजूद एनटीए का अस्तित्व बनाए रखना केंद्र सरकार की छात्र समुदाय के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।यह संकट किसी एक परीक्षा या एक वर्ष तक सीमित नहीं है। 
एसएफ़आई ये मांग की कि :-
* केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफ़ा दें।
* राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त किया जाए।
* परीक्षाओं का विकेंद्रीकरण किया जाए।
* सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को रद्द किया जाए।
* परीक्षा घोटालों और अनियमितताओं की स्वतंत्र न्यायिक जाँच कराई जाए।
* दोषियों के विरुद्ध राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना कठोर कार्रवाई की जाए।
* प्रभावित विद्यार्थियों को उचित मुआवज़ा एवं राहत प्रदान की जाए।
एसएफ़आई स्पष्ट करना चाहती है कि यह संघर्ष यहीं समाप्त नहीं होगा। इस देशव्यापी आंदोलन के अगले चरण के रूप में 19 जून 2026 को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय की ओर आयोजित मार्च में एसएफ़आई हिमाचल प्रदेश सक्रिय भागीदारी करेगी। इस मार्च के माध्यम से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और एनटीए को समाप्त करने की माँग को और बुलंद किया जाएगा।
एसएफ़आई सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों तथा लोकतांत्रिक चेतना रखने वाले नागरिकों से आह्वान करती है कि वे सार्वजनिक शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के इस निर्णायक संघर्ष में सहभागी बनें।

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