महिला विकास निगम की निदेशक मंडल बैठक आयोजित; महिला स्वरोजगार के लिए ले सकेंगी 3 लाख तक ऋण

शिमला: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में महिला विकास निगम की 52वीं निदेशक मंडल बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगम द्वारा संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।महिला स्वरोज़गार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वरोज़गार ऋण की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने का महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया गया, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर बन सकें।
इसके अतिरिक्त महिला कल्याण, कौशल विकास, रोज़गार सृजन, प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों सहित अन्य विभागीय गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। निदेशक मंडल ने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
महिला विकास निगम महिलाओं के सर्वांगीण विकास, सशक्तिरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर कार्यरत है तथा भविष्य में और अधिक प्रभावी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयास जारी रखेगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्याम भगत नेगी, प्रबन्ध निदेशक महिला विकास निगम अजय कुमार यादव के अतिरिक्त निदेशक मंडल के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

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