जिस देश में विपक्ष को सम्मान न मिले, उस देश में लोकतंत्र केवल एक दिखावा बनकर रह जाता है – विनय  कुमार

शिमला : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय  कुमार  ने कहा है कि गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह के दौरान देश ने एक बार फिर देखा है कि मोदी सरकार किस प्रकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं, संसदीय परंपराओं और विपक्ष के सम्मान को लगातार  कैसे ठेस पहुँचा रही है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता  राहुल गांधी  और राज्यसभा मे विपक्ष के नेता कांग्रेस अध्यक्ष  मल्लिकार्जुन खरगे  को जानबूझकर तीसरी पंक्ति में बैठाना न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है बल्कि यह भाजपा सरकार की तानाशाही मानसिकता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनकी दुर्भावना को भी उजागर करता है।
विनय कुमार ने कहा कि यह व्यवहार न केवल शर्मनाक है बल्कि यह दर्शाता है कि मोदी सरकार विपक्ष की आवाज़ से कितनी भयभीत है। जिस देश में विपक्ष को सम्मान न मिले, उस देश में लोकतंत्र केवल एक दिखावा बनकर रह जाता है।
 विनय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार से पूछा है कि क्या यही आपका ‘न्यू इंडिया’ है जंहा लोकतांत्रिक असहमति की आवाज़ को अपमानित कर दबाया जाता है। क्या विपक्ष के नेताओं का यह अपमान संविधान की मूल भावना—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का खुला उल्लंघन नहीं है।
उन्होंने पूछा कि क्या यह परंपरा, प्रोटोकॉल और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप आचरण है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का यह कदम सिर्फ़ अहंकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है,जिसे कभी सहन नही किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यह राहुल गांधी  और मल्लिकार्जुन खरगे  का अपमान देश के करोड़ों नागरिकों का अपमान है, जो विपक्ष और लोकतांत्रिक मूल्य प्रणाली में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस  देश के सभी लोकतंत्र प्रेमी नागरिक इस असंवैधानिक, असंस्कारी व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। भाजपा की इस ओछी राजनीति के आगे कांग्रेस कभी झुकने वाली नही।
उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष लोकतंत्र बचाने के लिए है और यह लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी।

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