धर्मशाला : डिप्रेशन के बाद छात्रा की मौत..

धर्मशाला : धर्मशाला कॉलेज की तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर पर डिप्रेशन में आने के बाद एक छात्रा की मौत पर परिजनों ने उनकी बेटी से मारपीट, डराने-धमकाने और अश्लील हरकतें करने के आरोप लगाए हैं। इलाज के दौरान, जब उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी और वह अंतिम सांसें ले रही थी, उसी समय दिया गया उसका बयान वीडियो के रूप में सामने आया है, जो अब वायरल हो रहा है। परिजनों के अनुसार उन्होंने अपनी बेटी का विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन 26 दिसंबर 2025 को उपचार के दौरान लुधियाना के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि बेटी की गंभीर बीमारी और सदमे की स्थिति के कारण वह पहले पुलिस को सूचना नहीं दे सके। परिजनों ने 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दी थी। सीएम हेल्पलाइन कार्यालय से मामला जांच के लिए पुलिस थाना धर्मशाला भेजा गया था। पुलिस ने कॉलेज जाकर आरोपी छात्राओं और कॉलेज प्रशासन से पूछताछ की थी।

कांगड़ा के एएसपी वीर बहादुर ने बताया कि छात्रा के पिता ने मामले में बयान दर्ज करवाए हैं। पिता ने पुलिस को बताया था कि कॉलेज में तीन लड़कियां और प्रोफेसर ने उसे प्रताड़ित किया था। इस वजह से वो वो डिप्रेशन में चली गई थी। वीर बहादुर से जब पूछा गया कि मामला दो महीने पुराना है तो उन्होंने कहा कि परिजनों की तरफ से 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दी गई है। किसी ने कोई शिकायत नहीं दी थी। वीर बहादुर ने बताया कि पुलिस के जांच आधिकारी ने कॉलेज आरोपी क़ॉलेज प्रोफेसर और लड़कियों के बयान दर्ज किए थे और उस दौरान जांच में कुछ सामने नहीं आया था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में बहुत से बातें चल रही है और पुलिस उसे भी वैरिफाई करेगी।

धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का कहना है कि मृतक छात्रा पिछले वर्ष कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी, लेकिन परीक्षा में असफल हो गई थी। इसके बाद वह द्वितीय वर्ष में दाखिले की मांग कर रही थी। विवि के नियमों के अनुसार किसी भी फेल विद्यार्थी को अगली कक्षा में दाखिला नहीं दिया जा सकता। फेल होने और अगली कक्षा में दाखिला नहीं मिलने से वह डिप्रेशन में थी। कॉलेज प्रशासन को छात्रा के परिजनों ने न तो लिखित और न मौखिक शिकायत दी है। कॉलेज शिक्षकों ने छात्रा के परिजनों पर धमकाने के आरोप लगाए थे, जिसकी मौखिक शिकायत की गई थी।पुलिस दवारा मामले की जाँच की जार ही है ।

इस घटना के विरोध में आज शिमला में प्रदर्शन हुआ। रवि कुमार दलित और उनके साथियों ने ऐतिहासिक रिज मैदान पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।  प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक सभ्य समाज की बात करते हैं, लेकिन पुलिस उनकी भी नहीं सुनती। रवि कुमार दलित ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले की न्यायिक जांच नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देंगे। उनका कहना है कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश है और पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।

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