शिमला IGMC मारपीट मामला: डॉक्टरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, डॉ. राघव का टर्मिनेशन वापिस लेने की मांग

शिमला: शिमला के आईजीएमसी में डॉक्टर और मरीज के बीच हुए मारपीट मामले में सरकार की कार्रवाई का विरोध जारी है । आज दूसरे दिन भी डॉक्टर्स ड्यूटी छोड़ डॉ. राघव नरूला का टर्मिनेशन वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान उन्होंने आईजीएमसी में विरोध प्रदर्शन भी किया ।  आरडीए के अध्यक्ष डॉ. सोहेल शर्मा ने रेजिडेंट और इंटर्न को संबोधित करते हुए कहा कि आईजीएमसी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना और इसके बाद सिर्फ चिकित्सक पर कार्रवाई से चिकित्सक पेशा और संस्थान की साख को नुकसान पहुंचा है। मात्र छह घंटे में चिकित्सक के निलंबन और 48 घंटे में बर्खास्तगी के हुए फैसले से संदेश गया है कि इसमें सिर्फ चिकित्सक ही दोषी था, जबकि किसी भी हिंसा की घटना के दो पहलू होते है। इस मामले की पूरी जांच किए बिना ही चिकित्सक पर कार्रवाई कर एकतरफा फैसला ले लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार इस फैसले को वापस ले और चिकित्सक को बहाल करे, चिकित्सकों की अस्पतालों में सुरक्षा सुनिश्चित करे।बर्खास्तगी के इस फैसले के बाद चिकित्सकों को मरीजों का उपचार करना मुश्किल हो जाएगा, कोई भी उन्हें धमका जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉ. नरूला की बर्खास्तगी का फैसला न्यायसंगत नहीं है। इसलिए सरकार इस पर पुनर्विचार कर बर्खास्तगी के आदेशों को वापस ले और चिकित्सकों  की अस्पतालों में सुरक्षा सुनिश्चित करे। इस मामले में पूरी जांच होने के बाद ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जब तक आरडीए की ये मांगें पूरी नहीं की जातीं, उनकी यह हड़ताल जारी रहेगी। इस हड़ताल को मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों की आरडीए पूरा समर्थन कर रही है। रेजिडेंट सिर्फ आपातकालीन सेवाएं जारी रखेंगे।

आरडीए की प्रमुख मांगें:-

1) डॉ. राघव के खिलाफ जारी टर्मिनेशन ऑर्डर को तुरंत रद्द किया जाए।

2) IGMC शिमला परिसर के अंदर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने/ट्रायल की एक घटना हुई, जिसने स्वास्थ्य पेड की सुरक्षा और काम के माहौल को गंभीर रूप से खतरे में डाल दिया और अस्पताल के सामान्य कामकाज व बाधित किया। यह मांग की जाती है कि BNS की धारा 351, 351(3), 352, 61, 62, 190, 191 के तह FIR दर्ज की जाए और कानूनी कार्यवाही शुरू की जाए।

3) कथित तौर पर भीड़ द्वारा सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ की गई। यह मांग की जाती है कि लागू कानूनों के अपराधियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।

4) कथित तौर पर नरेश दास्टा द्वारा डा. राघव की जान को सीधा खतरा और उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर करने की धमकी दी गई। यह मांग की जाती है कि बीएनएस की धारा 351, 351(3), 352, 61, 62, 190, 191 के तहत तुरंत मामला दर्ज किया जाए और उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।

5) IGMC शिमला में पहले उजागर की गई सीसीटीवी कवरेज की कमियों और सुरक्षा खामियों को लागू न करने के संबंध में एक व्यापक समीक्षा और जवाबदेही तय करने की मांग की जाती है जबकि पहले गैप एनालिसिस किया गया था, जिसने कथित तौर पर इस गंभीर घटना में योगदान दिया।

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला के सभी रेजिडेंट डॉक्टरों ने 27/12/2025 सुबह 9:30 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है, जिसमें सभी नियमित सेवाएं, वैकल्पिक ऑपरेशन कि और आउट पेशेंट विभाग बंद रहेंगे। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी।

 

सम्बंधित समाचार

Comments are closed