हिमाचल प्रदेश विस मानसून सत्र: : युवाओं को रोज़गार देना हमारी प्राथमिकता – CM सुक्खू

हिमाचल: प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में प्रश्नकाल के दौरान सत्तापक्ष व विपक्ष में जॉब ट्रेनी पॉलिसी  व बेरोजगारी के मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ। 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि TGT (मेडिकल, नॉन-मेडिकल और आर्ट्स) को बैचवाइज़ नियुक्तियाँ दी जा चुकी हैं। साथ ही जेबीटी और वन मित्रों को भी नियुक्तियाँ प्रदान की हैं। स्कीम-बेस्ड IPH में पंप ऑपरेटर, फिटर, इलेक्ट्रिशियन समेत अन्य पद भरे हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग में पदों को भरा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में NTT समेत अन्य पदों पर भी भर्तियाँ की जाएँगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य चयन आयोग तथा अन्य माध्यमों से जो भी नौकरी लगेगा, वह दो वर्ष बाद पक्का हो जाएगा। अब हम JBT, Vocational Teacher, TGT (Arts, Medical, Non-Medical), PGT, शास्त्री, भाषा शिक्षक, ड्रॉइंग शिक्षक, होमगार्ड, JE और पटवारी की भर्ती करने जा रहे हैं। युवाओं को रोज़गार देना हमारी प्राथमिकता है और हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खूमाननीय न्यायालय के आदेशानुसार ‘संविदा’ शब्द का प्रयोग वर्जित है। इसलिए ‘संविदा’ शब्द को हटाकर ‘जॉब ट्रेनी’ किया गया है।

उन्होंने कहा  कि पिछली भाजपा सरकार ने शिक्षण संस्थान तो खोले, लेकिन आवश्यक सुविधाएँ और संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए। परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देशभर में 21वें स्थान तक खिसक गया।हमारी सरकार ने न केवल शिक्षकों की भर्ती की, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया और आधारभूत संरचना को मज़बूत करने के ठोस क़दम उठाए।

इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में देश का 5वाँ राज्य बनकर उभरा है।

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