- एसजेवीएन ने 11 सितम्बर से 2 अक्तूबर तक मनाया ” स्वच्छता ही सेवा” अभियान
- अपने रोजमर्रा के जीवन में स्वस्थ पर्यावरणीय व्यवहार करें और प्लास्टिक के उपयोग से बचें : डी.पी. कौशल
रीना ठाकुर/शिमला: एसजेवीएन ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक अपने सभी कार्यालयों और परियोजनाओं मे जलशक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की पहल के अंतर्गत 11 सितम्बर से 2 अक्तूबर तक ” स्वच्छता ही सेवा” अभियान मनाया। इस साल के स्वच्छता ही सेवा अभियान का विषय प्लास्टिक के कचरे का प्रबंधन था।
इस अभियान के तहत एसजेवीएन कारपोरेट मुख्यालय, शिमला में आज एक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिथि वक्ता अजीत कुमार नेगी, वरिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर, हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शिमला द्वारा मिशन तथा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की जरूरत, कचरा प्रबंधन अधिनियम-2016 तथा इस क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई। नेगी ने वायु, जल तथा पृथ्वी पर (सतह एवं भूमिगत) प्लास्टिक के पड़ने वाले बुरे प्रभावों की भी जानकारी दी।
एसजेवीएन के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), डी.पी. कौशल ने स्वच्छ भारत मिशन की खासियतों पर रोशनी डाली और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने रोजमर्रा के जीवन में स्वस्थ पर्यावरणीय व्यवहार करें और प्लास्टिक के उपयोग से बचें। स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान निष्पादित की गई गतिविधियों जैसे शौचालयों का निर्माण, ईएमपी (पर्यावरण प्रबंधन योजना) पर अमल, कूड़े कचरे जैसे एकत्रित अवशिष्ट पदार्थों को मुनासिब तरीके से निपटाने, जागरूकता रैलियों, एसजेवीएन कार्यालयों तथा इसकी परियोजनाओं द्वारा स्कूलों/कॉलेजों में विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन की जानकारी को वार्तालाप के दौरान सांझा किया गया।











