नहीं रहे पूर्व शिक्षा मंत्री, भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जताया शोक

  • प्रो. धूमल ने अपने गुरू के निधन को बताया अपनी अपनी व्यक्तिगत हानि
    प्रो. धूमल ने अपने गुरू के निधन को बताया अपनी अपनी व्यक्तिगत हानि

प्रो. धूमल ने अपने गुरू के निधन को बताया अपनी अपनी व्यक्तिगत हानि

शिमला: पूर्व शिक्षा मंत्री व 6 बार विधायक रहे ईश्वर दास धीमान के आकस्मिक निधन पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नडडा, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शान्ता कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने  गहरा दुख जताया।

प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने आई.डी. धीमान के निधन को अपनी व्यक्तिगत हानि बताते हुए कहा कि अपने गुरू के निधन से उन्हें गहरा दुःख पहुंचा है। मार्गदर्शक के रूप में उन्होनें हमेशा सही रास्ता दिखाया और शिक्षा के विस्तार, प्रसार व सुधार के लिए जो कार्य किए वह शिक्षा जगत में मील के पत्थर के रूप में स्थापित रहेंगे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उन्होनें शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनायें व्यक्त की है। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा इसे भाजपा के लिए बड़ी हानि करार देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि लम्बे समय से प्रदेश के शिक्षा, सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे आई.डी. धीमान ने ईमानदारी, निष्ठा व कर्मठता से अपने जीवन को प्रदेश व जनसेवा में लगा दिया। लगभग 29 वर्षों तक एक अध्यापक और मुख्य अध्यापक के रूप में सेवायें देने के पश्चात उन्होनें वर्ष 1989 में स्वैच्छिक सेवानिवृति ली और भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्य के रूप में सदस्यता ग्रहण की। वर्ष 1990 में मेवा विधान सभा क्षेत्र से चुनाव जीतने के पश्चात लगातार 6 बार उन्होनें इस विधान सभा क्षेत्र जिसे वर्ष 2012 में बदलकर भोरंज कर दिया गया, का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होनें भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष व अध्यक्ष पद पर उल्लेखनीय कार्य किये और भाजपा सरकार के दौरान दो बार शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य करके शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य किये। शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए उनके कार्यों व सुधारों के लिए प्रदेश का शिक्षा जगत उन्हें हृदय से याद करता है। भाजपा ने अपना एक महान नेता खोया है। उनके निधन से उनकी क्षतिपूर्ति तो पूरी नहीं होगी परन्तु उनके कार्यों से उनकी स्मृति प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के मन में हमेशा के लिए अंकित रहेगी।

प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने आई.डी. धीमान के निधन को अपनी व्यक्तिगत हानि बताते हुए कहा कि अपने गुरू के निधन से उन्हें गहरा दुःख पहुंचा है। मार्गदर्शक के रूप में उन्होनें हमेशा सही रास्ता दिखाया और शिक्षा के विस्तार, प्रसार व सुधार के लिए जो कार्य किए वह शिक्षा जगत में मील के पत्थर के रूप में स्थापित रहेंगे। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उन्होनें शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनायें व्यक्त की है।

  • धीमान के निधन पर अनुराग ने की अपनी संवेदनाएं व्यक्त

हमीरपुर से सांसद और भाजयुमो के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने ईश्वर दास धीमान के निधन पर दुःख व्यक्त किया। ईश्वर दास धीमान पूर्व शिक्षा मंत्री और छह बार भाजपा विधायक रह चुके है।

धीमान के निधन पर अनुराग ने की अपनी संवेदनाएं व्यक्त

धीमान के निधन पर अनुराग ने की अपनी संवेदनाएं व्यक्त

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में विचार प्रस्तुत करते हुए अनुराग ठाकुर ने यह कहा कि “मुझे धीमान जी के निधन की सूचना प्राप्त करके अत्यंत दुःख हुआ है। वह एक बहुत अच्छा आदमी थे और उन्होंने  सार्वजनिक सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मैं हृदय से उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रस्तुत करता हूं और यह प्रार्थना करता हूं कि इस कठिन समय का सामना करने की उन्हें शक्ति प्राप्त हो।”राजनीति में प्रवेश करने से पहले ईश्वर दास धीमान ने शिक्षा विभाग में अत्यधिक योगदान दिया था।

  • धीमान के आकस्मिक निधन पर भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जताया शोक

पूर्व शिक्षा मंत्री व 6 बार विधायक रहे ईश्वर दास धीमान के आकस्मिक निधन पर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नडडा, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शान्ता कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, भाजयुमो राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग ठाकुर,, विरेन्द्र कश्यप,सांसद,      रामस्वरूप शर्मा, विधायक गुलाब सिंह ठाकुर, महेन्द्र सिंह ठाकुर, कर्नल इंद्र सिंह, रविन्द्र सिंह रवि, डा. राजीव बिन्दल, सुरेश भारद्वाज, जयराम ठाकुर, रिखीराम कौडण्ल, विरेन्द्र कंवर, रणधीर शर्मा, सरवीण चौधरी, बी.के. चौहान, डा. राजीव सहजल, विक्रम ठाकुर,  गोविन्द ठाकुर, महेश्वर सिंह, हंसराज, विक्रम जरियाल, विनोद कुमार, विजय अग्निहोत्री, गोविन्द शर्मा, के.एल. ठाकुर, सुरेश कश्यप, बलदेव तोमर, नरेन्द्र ठाकुर, पूर्व विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष जय कृष्ण शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन परमार, प्रवीण शर्मा, गणेश दत, डा. राजीव भारद्वाज, रूपा शर्मा, प्रदेश महामंत्री कृपाल परमार, तथा भाजपा प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजकों सहित पार्टी के प्रमुख नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा इसे भाजपा के लिए बड़ी हानि करार देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि लम्बे समय से प्रदेश के शिक्षा, सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे आई.डी. धीमान ने ईमानदारी, निष्ठा व कर्मठता से अपने जीवन को प्रदेश व जनसेवा में लगा दिया। लगभग 29 वर्षों तक एक अध्यापक और मुख्य अध्यापक के रूप में सेवायें देने के पश्चात उन्होनें वर्ष 1989 में स्वैच्छिक सेवानिवृति ली और भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्य के रूप में सदस्यता ग्रहण की। वर्ष 1990 में मेवा विधान सभा क्षेत्र से चुनाव जीतने के पश्चात लगातार 6 बार उन्होनें इस विधान सभा क्षेत्र जिसे वर्ष 2012 में बदलकर भोरंज कर दिया गया, का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होनें भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष व अध्यक्ष पद पर उल्लेखनीय कार्य किये और भाजपा सरकार के दौरान दो बार शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य करके शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य किये। शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए उनके कार्यों व सुधारों के लिए प्रदेश का शिक्षा जगत उन्हें हृदय से याद करता है। भाजपा ने अपना एक महान नेता खोया है। उनके निधन से उनकी क्षतिपूर्ति तो पूरी नहीं होगी परन्तु उनके कार्यों से उनकी स्मृति प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के मन में हमेशा के लिए अंकित रहेगी।

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