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नन्हे सितारों की शानदार प्रस्तुतियों से गूंजा दयानन्द पब्लिक स्कूल, शिमला; नन्हे कदमों में छिपी बड़ी प्रतिभा ने मोह लिया सबका मन

बाल वाटिका का वार्षिकोत्सव (जूनियर विंग) बना यादगार, नृत्य, नाटक, योग और पहाड़ी संस्कृति की रंगारंग छटा ने मोहा मन

शिमला: दयानन्द पब्लिक स्कूल, द मॉल, शिमला में बाल वाटिका का वार्षिकोत्सव समारोह बड़े हर्षोल्लास. उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों अद्भुत आत्मविश्वास और बहुरंगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को यादगार बना दिया। मंच पर बच्चों की प्रतिभा, कला और अभिव्यक्ति का ऐसा शानदार संगम देखने को मिला कि दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाते नजर आए। समारोह का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं मुख्य अतिथि  अनुपम द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके पश्चात डीएवी गान प्रस्तुत किया गया।

विद्यालय की उपलब्धियों का गौरवपूर्ण प्रस्तुतीकरण: प्रधानाचार्या अनुपम ने विद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों को प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता. खेलकूद, विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा अन्य सहगामी गतिविधियों में विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक और खेल गतिविधियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

सरस्वती वंदना से मंगलमय हुआ वार्षिकोत्सव का आगाज़: कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति में मिशिता. रियांशी समायरा एवं उनके सहयोगियों ने मधुर सरस्वती वंदना से वातावरण को भक्तिमय बना दिया और कार्यक्रम का शानदार आगाज किया।

नृत्य नाटक और योग की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां: सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृ खल्में पूर्वित, युवान, तन्मय, राघव, वैष्णवी, ख्याति, तेजस्वी, अनन्या व उनके साथियों ने ऊर्जावान अंग्रेजी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद विहान, आदित्य चौहान हयान, मान्यता. नूतन, वर्निका एवं उनकी टीम ने प्रभावशाली हिन्दी नाटक के माध्यम से अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया। संदीप. अनिरुद्ध ठाकुर, मृत्यु जमऔर ओजस चौहान की टीम ने उत्कृष्ट योग प्रदर्शन से शारीरिक संतुलन, एकाग्रता और अनुशासन का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। नन्हे विद्यार्थियों की योग मुद्राओं और तालमेल ने उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से प्रभावित किया।

पहाड़ी नाटी से लेकर पंजाबी भांगड़े तक छाई सांस्कृतिक धूम: समारोह में हिमाचली लोक संस्कृति की मनमोहक झलक तब देखने को मिली, जब जत्सय, जीवांश उदित. वैभवी, सर्विका. दिव्यांशी कुशप्रिया की टोली ने पहाड़ी गीतों की मधुर धुनों पर आकर्षक पहाड़ी नाटी प्रस्तुत की। पारंपरिक लोक संस्कृति से सजी इस प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया और हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया।

इसके पश्चात आशिमा ओजस्वी, रियांशिका धुवांश महदुधिया और कबीर ने पंजाबी धुनों पर जोशपूर्ण भांगड़ा प्रस्तुत कर समारोह में उत्साह और उमंग का नया रंग भर दिया। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों के साथ खूब सराहना की।

हिन्दी और अंग्रेजी कविताओं की सुंदर प्रस्तुति; बच्चों के आत्मविश्वास और मनमोहक अंदाज ने दर्शकों को किया प्रभावित : कार्यक्रम की अगली कड़ी में सारांश अयांश, अनंधन, शनाया और आव्या ने हिन्दी कविताओं की सुंदर प्रस्तुति दी, जबकि कविश, रुद्र. अव्युक्त सात्विक माहिका दिविशा व उनके समूह ने अंग्रेजी कविताओं के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति और भाषायी प्रतिभा का परिचय दिया। बच्चों की स्पष्ट वाणी, आत्मविश्वास और मनमोहक अंदाज ने दर्शकों को प्रभावित किया। साथ ही अभियुदय आदया, हनविका, रिधवन व उनकी टीम ने अंग्रेजी नाटक द्वारा अपने अभिनय की छटा बिखेरी।

नन्ही प्रतिभाओं ने बिखेरे हुनर के रंग: पूरे समारोह के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उनकी मेहनत शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग की झलक दिखाई दी। दर्शकों ने नन्हे कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। रंगारंग प्रस्तुतियों से सजा यह आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सर्वांगीण विकास का सु छात्सव बनकर सामने आया।

प्रधानाचार्या ने बढ़ाया नन्हे सितारों का उत्साह: समारोह के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या  अनुपम ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके आत्मविश्वास, रचनात्मकता और प्रतिभा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने. आत्मविश्वास विकसित करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग को महत्त्वपूर्ण बताते हुए सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ गरिमापूर्ण ढंग से किया गया। दयानन्द पब्लिक स्कूल, द मॉल, शिमला का यह वार्षिकोत्सव नन्हे सितारों की प्रतिभा, भारतीय संस्कृति की विविधता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता का सु काप्तीक बना।

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