शिमला: पुलिस मैदान भराड़ी में मनाया गया पुलिस स्मृति दिवस; DGP बोले- शहीदों का बलिदान हमारी प्रेरणा, उनके परिवार हमारी जिम्मेदारी
शिमला: पुलिस मैदान भराड़ी में मनाया गया पुलिस स्मृति दिवस; DGP बोले- शहीदों का बलिदान हमारी प्रेरणा, उनके परिवार हमारी जिम्मेदारी
हिमाचल: प्रदेश पुलिस ने आज पुलिस मैदान भराड़ी, शिमला में पुलिस स्मृति दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर नागरिकों के जीवन, आत्मसम्मान और सुरक्षा के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि समारोह में औपचारिक परेड और शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। राज्यपाल ने अपने संदेश में पुलिस कर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने और राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बार अपने जीवन को जोखिम में डालकर कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। उन्होंने देश सेवा में अपने प्रियजनों को खोने वाले शहीदों के परिवारों के धैर्य, साहस और त्याग को भी नमन किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अपने संदेश में कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान सदैव सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित एक पेशेवर, संवेदनशील और जनहितैषी पुलिस बल के महत्व पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीदों के परिवारों के साहस और धैर्य की भी सराहना की। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के परिवारों के लिए यह ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इन वीरों ने केवल वर्दी नहीं पहनी बल्कि उसके सर्वाेच्च आदर्शों को भी अपने जीवन में उतारा और जब कर्तव्य ने पुकारा तो दूसरों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। अशोक तिवारी ने कहा कि शहीदों का बलिदान हमारी प्रेरणा है। उनके परिवार हमारी जिम्मेदारी हैं और उनके अधूरे कर्तव्य को पूरा करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने दोहराया कि पुलिस शहीदों के परिवारों का कल्याण, सम्मान और सुख-सुविधाएं पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में सदैव शामिल रहनी चाहिए। पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्तूबर को देशभर में मनाया जाता है। वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा किए गए हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दस जवानों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन राष्ट्र सेवा में सर्वाेच्च बलिदान देने वाले सभी पुलिस कर्मियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। इस अवसर पर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न यूनिटों के पुलिस जवान उपस्थित रहे।