सोलन: शिक्षक दिवस पर नौणी में उत्कृष्ट शिक्षण के लिए शिक्षकों का सम्मान..
सोलन: शिक्षक दिवस पर नौणी में उत्कृष्ट शिक्षण के लिए शिक्षकों का सम्मान..
सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में शनिवार को डॉ. एलएस नेगी सभागार में विशेष कार्यक्रम के साथ शिक्षक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षकों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ उत्कृष्ट शिक्षण के लिए शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस बवेजा ने भावी पीढ़ियों के निर्माण तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान एवं समग्र शिक्षण वातावरण को सुदृढ़ करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
प्रो. बवेजा ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें माता-पिता तथा वे सभी लोग शामिल हैं जो जीवन के विभिन्न चरणों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और उनका मार्गदर्शक के रूप में सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी शिक्षक के लिए सबसे बड़े गर्व की बात यह होती है कि उसके विद्यार्थी जीवन में सफलता प्राप्त करें। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हमेशा उन शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों का सम्मान करें, जिन्होंने उनके उतार-चढ़ाव के समय उनका साथ दिया तथा उनके विकास और सफलता में योगदान दिया।
विद्यार्थियों की बदलती आवश्यकताओं और उनके सामने बढ़ते दबावों का उल्लेख करते हुए प्रो. बवेजा ने शिक्षकों से अपने कौशल, शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं सहभागिता को निरंतर बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं और चुनौतियों को समझते हुए विद्यार्थियों को उनकी क्षमता पहचानने, आत्मविश्वास विकसित करने तथा शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
इससे पूर्व, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. एसके भारद्वाज ने शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा शिक्षक दिवस के महत्व और विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन को संवारने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के योगदान एवं विरासत को भी स्मरण किया गया। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। विभिन्न प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं प्रतिभा का प्रदर्शन हुआ, जिसने समारोह के वातावरण को उत्साह एवं उल्लास से भर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शिक्षण के प्रति समर्पण, प्रतिबद्धता एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार प्रदान करना रहा। इन पुरस्कारों के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास एवं उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
प्रोफेसर वर्ग में डॉ. बीएस डिल्टा एवं डॉ. रमेश भारद्वाज को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। सह-प्रोफेसर वर्ग में डॉ. मोनिका शर्मा एवं डॉ. पीयूष मेहता को पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सहायक प्रोफेसर वर्ग में डॉ. पंकज एवं डॉ. रोहित शर्मा को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में नियमित सामूहिक गायन के लिए राष्ट्रीय गीत के शुभारंभ की पहल भी की गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा विकसित एग्री-टेक प्लेटफॉर्म किसानग्राम (KisaanGram) की टीम ने भी प्रस्तुति दी। इस दौरान प्लेटफॉर्म की क्षमता तथा विद्यार्थियों और किसानों के लिए उपलब्ध कराए जा सकने वाले नवोन्मेषी समाधानों एवं अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. केके रैना द्वारा विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमूह को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। डॉ. मनीष शर्मा,अधिष्ठाता, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर,ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया तथा शिक्षक दिवस समारोह के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।