सोलन: वन महोत्सव के साथ नेरी महाविद्यालय ने मनाया स्थापना दिवस
सोलन: वन महोत्सव के साथ नेरी महाविद्यालय ने मनाया स्थापना दिवस
सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी ने वन महोत्सव-2026 का आयोजन कर अपना स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम का आयोजन नेरी स्थित फॉरेस्ट्री फार्म, खग्गल में किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सतीश शर्मा मुख्य अतिथि रहे। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने महाविद्यालय के विकास एवं प्रगति में इसके शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी की समर्पण भावना, कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयासों ने महाविद्यालय को औद्यानिकी एवं वानिकी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वन महोत्सव-2026 के तहत फॉरेस्ट्री फार्म में विभिन्न प्रजातियों के करीब 120 पौधे लगाए गए। इनमें तूनी, मालाबार नीम, अर्जुन, लसौड़ा, हरड़, आंवला और सहजन प्रमुख रहे। पौधरोपण अभियान में महाविद्यालय के करीब 100 शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर फल विज्ञान विभाग द्वारा विशेष एवोकाडो पौधरोपण अभियान भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से एवोकाडो की विभिन्न किस्मों के करीब 40 पौधे लगाए गए। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने द्वारा लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी लें और अपनी डिग्री पूरी होने तक उनकी उचित देखभाल एवं रखरखाव सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पौधों की देखभाल से विद्यार्थियों को बागवानी प्रबंधन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा।
औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय की स्थापना डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के तीसरे महाविद्यालय के रूप में नेरी, हमीरपुर में की गई थी। महाविद्यालय की शुरुआत क्षेत्रीय औद्यानिकी एवं वानिकी अनुसंधान केंद्र, भोटा से हुई, जिसकी स्थापना 29 अक्टूबर, 1999 को की गई थी। इस अनुसंधान केंद्र को 19 अप्रैल, 2011 को इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड एनवायर्नमेंटल साइंस के रूप में उन्नत किया गया। संस्थान को औद्यानिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी में स्नातक शिक्षा प्रदान करने का दायित्व सौंपा गया, जिसके तहत बी.एससी. (ऑनर्स) हॉर्टिकल्चर और बी.एससी. (ऑनर्स) बायोटेक्नोलॉजी डिग्री कार्यक्रम शुरू किए गए। 28 अगस्त, 2014 को संस्थान को कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नेरी के रूप में उन्नत किया गया तथा बी.एससी. (ऑनर्स) फॉरेस्ट्री के स्नातक कार्यक्रम को भी इसमें शामिल किया गया। शैक्षणिक सत्र 2017-18 से महाविद्यालय में अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को मजबूत करने के लिए नौ विषयों में स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किए गए। इसके बाद शैक्षणिक सत्र 2023-24 से बी.टेक. (फूड टेक्नोलॉजी) कार्यक्रम शुरू किया गया।
वर्तमान में महाविद्यालय में बी.एससी. (ऑनर्स) हॉर्टिकल्चर, बी.एससी. (ऑनर्स) फॉरेस्ट्री, बी.टेक. बायोटेक्नोलॉजी और बी.टेक. फूड टेक्नोलॉजी के स्नातक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा महाविद्यालय में 15 विषयों में एम.एससी. तथा सात विषयों में पीएच.डी. कार्यक्रम भी संचालित हैं। स्थापना के बाद से अब तक महाविद्यालय से 639 स्नातक विद्यार्थी, 34 स्नातकोत्तर विद्यार्थी और पांच पीएच.डी. शोधार्थी अपनी डिग्रियां पूरी कर चुके हैं। विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है। महाविद्यालय के कई पूर्व विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ-साथ देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।