हिमाचल: प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र ….

पहले दिन से मेरा लक्ष्य रहा है कि हिमाचल प्रदेश को 2027 तक आत्मनिर्भर बनाया जाए; अगर RDG बंद न हुई होती, तो हम 2027 में ही आत्मनिर्भर बन जाते – CM सुक्खू

हिमाचल: प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सदन में कहा कि हमने पहले दिन से ही अपने प्रदेश की संपदा का आकलन किया और यह समझा कि हिमाचल को कैसे अपने पैरों पर खड़ा करना और आत्मनिर्भर बनाना है। हमारी इस सोच को साकार करने की शुरुआत जल संसाधनों के सदुपयोग और अपने लंबित हक लेने के लिए लड़ाई लड़ने से हुई। पहले दिन से मेरा लक्ष्य रहा है कि हिमाचल प्रदेश को 2027 तक आत्मनिर्भर बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि अगर RDG बंद न हुई होती, तो हम 2027 में ही आत्मनिर्भर बन जाते। लेकिन RDG बंद होने के बावजूद, हम आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

 अब लंबित एरियर की वसूली की दिशा में भी हम आगे बढ़ रहे हैं – CM

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2005-06 में लाडा लागू हुआ, जिसके तहत 1% राशि मिलनी है। लेकिन, हैरानी की बात है कि फैसले के बावजूद अनेक प्रोजेक्ट, चाहे NHPC हो या NTPC, अभी तक हिमाचल के लोगों को उनका 1% लाडा नहीं दे रहे हैं।

अनेक निजी प्रोजेक्ट संचालकों ने तो इस मामले में हाई कोर्ट का रुख भी किया है। मैं माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी का धन्यवाद करना चाहूँगा, जिन्होंने हमारी बात को समझते हुए स्वीकार किया कि हिमाचल के लोगों को लाडा मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब लंबित एरियर की वसूली की दिशा में भी हम आगे बढ़ रहे हैं। SJVN के 2005-06 में बने 1500 मेगावाट के प्रोजेक्ट का लाडा भी इसमें शामिल है। मुझे विश्वास है कि जल्दी इसमें सफलता मिलेगी।

बिलासपुर में उपलब्ध भूमि और वहाँ 99 वर्ष की लीज़ पर रह रहे विस्थापित परिवारों के मुद्दे का समाधान भी हमारी प्राथमिकता- मुख्यमंत्री 

सीएम सुक्खू ने कहा कि बीबीएमबी के पास कई एकड़ भूमि है। जब यह परियोजना बनी थी, उस समय हम पंजाब का हिस्सा थे। उन्होंने आवश्यकता से अधिक भूमि ले ली थी और अब वहाँ अनेक भवन और काफी भूमि खाली पड़ी है। हमारा प्रयास है कि इस भूमि का प्रदेश के हित में बेहतर उपयोग किया जाए।

सीएम ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी से भी इस विषय पर चर्चा हुई है। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के शिमला स्थित कार्यालय को मंडी में बीबीएमबी की 45 बीघा भूमि पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा है। बिलासपुर में उपलब्ध भूमि और वहाँ 99 वर्ष की लीज़ पर रह रहे विस्थापित परिवारों के मुद्दे का समाधान भी हमारी प्राथमिकता है।

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