शिमला के टालैंड स्थित एचपीआई में 25 प्रतिभागियों को दिया गया पर्यटन-आधारित उद्यमिता विकास प्रशिक्षण
शिमला के टालैंड स्थित एचपीआई में 25 प्रतिभागियों को दिया गया पर्यटन-आधारित उद्यमिता विकास प्रशिक्षण
पर्यटन क्षेत्र पर केंद्रित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का सफल समापन, जीएम-डीआईसी द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित शिमला: एचपीआई, टालैंड, शिमला में 30 जुलाई से 1 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (Entrepreneurship Development Programme) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। “पर्यटन-आधारित उद्यमिता एवं सतत स्थानीय उद्यम विकास” विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के इच्छुक एवं मौजूदा पर्यटन उद्यमियों सहित कुल 25 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यटन उद्यमिता, ब्रांडिंग, विपणन, वित्तीय प्रबंधन एवं सरकारी योजनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के पहले दिन का शुभारंभ पंजीकरण, उद्घाटन सत्र एवं कार्यक्रम अभिविन्यास के साथ हुआ, जिसमें आयोजन टीम एवं जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के प्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। इसके पश्चात विशेषज्ञों द्वारा हिमाचल प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था, पर्यटन सर्किट, इको-टूरिज्म, सांस्कृतिक एवं साहसिक पर्यटन तथा कृषि-पर्यटन के अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को होमस्टे, कैफे, गाइडिंग सेवाओं, स्थानीय व्यंजन तथा हथकरघा एवं हस्तशिल्प जैसे स्थानीय पर्यटन उद्यम अवसरों की पहचान कराई गई, साथ ही आतिथ्य, इको-टूरिज्म, वेलनेस तथा धार्मिक पर्यटन से जुड़े व्यवसाय मॉडलों पर भी चर्चा हुई। दिन का समापन एक सहभागी गतिविधि — स्थानीय पर्यटन संसाधन मानचित्रण अभ्यास — के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने क्षेत्र में मौजूद पर्यटन संपत्तियों एवं उद्यम अवसरों की पहचान की। कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को डेस्टिनेशन ब्रांडिंग, स्थानीय पहचान, पर्यटन कहानी-कथन (Tourism Storytelling) तथा अनुभवात्मक पर्यटन पर प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही इंस्टाग्राम, गूगल मैप्स तथा व्हाट्सएप बिजनेस जैसे डिजिटल माध्यमों के ज़रिए पर्यटन उद्यमों के प्रचार-प्रसार पर व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को पर्यटन मेलों, होटल एवं ट्रैवल भागीदारी तथा प्रदर्शनियों के माध्यम से बाजार संपर्क बढ़ाने की जानकारी दी गई, साथ ही एफएसएसएआई, इको-सर्टिफिकेशन, जीआई टैगिंग तथा हैंडलूम मार्क जैसे गुणवत्ता मानकों पर भी सत्र आयोजित हुआ। प्रतिभागियों ने अपने उद्यमों हेतु ब्रांडिंग विचार, टैगलाइन तथा सोशल मीडिया प्रचार योजनाएं तैयार करने का अभ्यास किया, तथा हिमाचल प्रदेश की सफल पर्यटन उद्यमों एवं महिला उद्यमियों के केस स्टडी से भी परिचित हुए। कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिभागियों को पर्यटन उद्यमों हेतु लागत निर्धारण, मूल्य निर्धारण, कार्यशील पूंजी तथा बहीखाता प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही पीएमईजीपी, मुद्रा, पर्यटन विभाग की योजनाओं, एमएसएमई योजनाओं तथा एनआरएलएम जैसे संस्थागत सहयोग तंत्रों की जानकारी साझा की गई। उत्तरदायी पर्यटन, इको-टूरिज्म प्रथाओं तथा दीर्घकालिक उद्यम स्थिरता पर भी चर्चा हुई। समापन से पूर्व प्रतिभागियों ने समूहों में अपने पर्यटन व्यवसाय विचारों एवं व्यवसाय योजनाओं की प्रस्तुति दी, जिसका मूल्यांकन एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन समारोह में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक (जीएम-डीआईसी) श्री संजय कंवर ने सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को हिमाचल प्रदेश में पर्यटन-आधारित उद्यमिता की संभावनाओं का लाभ उठाने तथा अपने उद्यम को संस्थागत एवं वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाने हेतु प्रेरित किया। यह कार्यक्रम एचपीआई, टालैंड, शिमला में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के इच्छुक एवं मौजूदा पर्यटन उद्यमियों में ब्रांडिंग, विपणन, वित्तीय प्रबंधन एवं संस्थागत योजनाओं से जुड़ी दक्षता को सुदृढ़ करना तथा उन्हें सतत एवं आत्मनिर्भर पर्यटन उद्यम स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित करना रहा।