शिमला: 8 किलो चरस के साथ पकड़े दोषी को 14 साल के कठोर कारावास की सजा
शिमला: 8 किलो चरस के साथ पकड़े दोषी को 14 साल के कठोर कारावास की सजा
शिमला जिले में 8 किलोग्राम चरस बरामदगी के मामले में विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे तीन वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार दोषी की पहचान 42 वर्षीय मोहन लाल पुत्र बंसी लाल, निवासी कुपवी, जिला शिमला के रूप में हुई है। उसके खिलाफ वर्ष 2024 में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 20 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस थाना कुपवी की टीम ने कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से 8 किलोग्राम चरस बरामद की थी। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में पेश किया।
मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश-1, शिमला ने 23 जुलाई को आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपी को 14 वर्ष के कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि आरोपी जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे तीन वर्ष का साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
शिमला पुलिस ने बताया कि मामले की जांच वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की गई। जांच के दौरान साक्ष्यों का व्यवस्थित संग्रह किया गया और फॉरेंसिक साक्ष्यों का भी उपयोग किया गया। पुलिस का कहना है कि मजबूत जांच और प्रभावी पैरवी के आधार पर अभियोजन पक्ष अदालत में आरोप साबित करने में सफल रहा। जिला शिमला पुलिस ने कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उसका अभियान लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों में प्रभावी जांच तथा मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जाती रहेगी।